rti

4 फरवरी 1922 के जिस चौरीचौरा कांड के चलते राष्ट्रपति महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन वापस ले लिया था। जिस कांड में 23 पुलिस कर्मियों को क्रान्तिकारियों में थाने में फूंक दिया था। उस घटना को लेकर भारत सरकार के गृह मंत्रालय के पास कोई जानकारी नहीं है।

दरअसल ये फैसला केंद्रीय सूचना आयोग ने एक याचिका के मद्देनजर दिया है। ये मामला कुछ यूं हैं कि जोधपुर निवासी रहमत बानो नाम की महिला ने एक याचिका दायर की थी।

हवाई यात्राओं से लेकर मेट्रो और ट्रेनों में यात्रा से पहले आरोग्य सेतु ऐप की जाच की जाती है। लाखों भारतीय इस ऐप को अपने मोबाइल में डाउनलोड किए हैं। अब इस बीच आरोग्य सेतु ऐप को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है जिसको जानकर आपके होश उड़ जाएंगे।

देशभर से कोरोना का कहर थमने को नाम नहीं ले रहा है। जिसकी वजह से लॉकडाउन की अवधि को फिर से बढ़ा दिया गया है।

देश की राजधानी दिल्ली में स्थित प्रसिद्ध जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। धरने-प्रदर्शन और...

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पूरे देश में घमासान मचा है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नागरिकता को साबित करने वाले कागज (दस्तावेज) की मांग की गई है।

कश्मीर से 370 हटने के बाद पत्थरबाजी और कानून व्यवस्था पर काबू पाने में कामयाबी मिली है। लेकिन गृह मंत्रालय के ही आंकड़े बताते हैं कि 370 हटने के बाद कश्मीर में पत्थरबाजी की घटनाओं में जबरदस्त इजाफा हुआ है।

सुप्रीम कोर्ट ने सूचना का अधिकार पर बड़ी टिप्पणी की है, सुप्रीम कोर्ट ने आरटीआई एक्ट के दुरुपयोग पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यह कानून ब्लैकमेल का धंधा बन गया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं,

पश्चिम रेलवे से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। रोज चूहों को मारने के लिए रेलवे ने तीन साल में 1.52 करोड़ रुपये ज्यादा खर्च कर दिए। इस खुलासा एक आरटीआई रिपोर्ट में हुआ है।

पाकिस्तानी नागरिक मुख्तार अहमद अली ने आमतौर पर आरटीआई कानून के रूप से चर्चित सूचना का अधिकार अधिनियम 2017 के तहत इस बाबत विवरण मांगा था। साथ ही वह यह जानना चाहता था कि जनता जो टैक्स भरती है, उसका इस्तेमाल किस विवेकपूर्ण ढंग से मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है।