Sachin Pilot

पायलट ने मुख्यमंत्री को लिखी इस चिट्ठी में चुनावों में किए गए आरक्षण के वादे को याद दिलाया है। उन्होंने यह भी कहा है कि चुनावी घोषणा के बावजूद अभी तक सरकार की ओर से इस मांग को पूरा नहीं किया गया है।

उन्होंने यहां पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दी। सूत्रों की मानें तो सीएम अशोक गहलोत को भी इस कार्यक्रम में आना था। लेकिन गहलोत नहीं पहुंचे। जबकि ये कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था।

सचिन पायलट के ताजा बयान से राजस्थान का सियासी पारा गरमा गया है। बुधवार को पायलट के दिल्ली से जयपुर पहुंचते ही अशोक गहलोत गुट की सांसे ऊपर नीचे होने लगी।

सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि पीएम के महत्वपूर्ण कदमों के कारण कांग्रेस अब पूरी तरह विफल साबित होती हुई दिख रही है।

सचिन पायलट की घर वापसी के बाद से राजस्थान कांग्रेस उन्हें खुश करने का कोई भी मौक़ा हाथ से गंवाना नहीं चाहती है। इसी कड़ी में कांग्रेस पार्टी ने सचिन पायलट को लेकर एक नया निर्देश जारी किया है।

राजस्थान की सियासत ने एक बार फिर से करवट ली है। गहलोत सरकार के विश्वास मत प्रस्ताव के ध्वनिमत से पारित होने के बाद कांग्रेस की सरकार बच गई। गहलोत और पायलट दोनों ने एक दूसरे को इसके लिए बधाई भी दी।

राजस्थान की सत्ता में आने के बाद से सीएम गहलोत से नाराज चल रहे कांग्रेस नेता सचिन पायलट के मामले में अब पार्टी ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है।

हालांकि विधानसभा में सूबे के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की सीट को लेकर विवाद खड़ा हो सकता है। दरअसल, विधानसभा में सचिन पायलट की सीट बदल दी गई है। पायलट को निर्दलीय विधायकों के साथ बैठाया गया है।

राजस्थान की सियासत में आज फैसले का दिन है। दरअसल, गहलोत सरकार में एक महीने से ज्यादा समय से चल रहे सियासी घमासान के बाद आज राजस्थान में विधानसभा का सत्र की शुरुआत हुई है।

देशभर में कोरोना का दौर चल रहा है, लेकिन राजस्थान में कोरोना के साथ सियासी उथल-पुथल का भी दौर चल रहा है। राज्य की कांग्रेस पार्टी में अब भले ही सब कुछ ठीक-ठाक दिखाई दे रहा हो, लेकिन आज पूर्व उप सीएम सचिन पायलट को कड़वी सच्चाई से रूबरू होना होगा।