SAPA MLA

हर जनप्रतिनिधि की प्राथमिकता जनता की सेवा करना होनी चाहिए। इसके लिए विधायक निधि की जरूरत होती है। विधायक निधि से क्षेत्र की जनता के विकास कार्य होते हैं। विपक्ष की सरकार है फिर भी जनहित के कार्य कराते हैं। हमारे क्षेत्र की मुख्य समस्या आवारा जानवरों की है जो किसानों की फसल ओर किसानों को काफी नुकसान पहुचा रहे हैं।

विधायक ने कहा विधायक निधि का सही इस्तेमाल करे तो मददगार है। निधि नहीं होगी तो हम समस्या हल नहीं कर पायेंगे। विधायक निधि 2.5 करोड़ से बढ़ाकर 8 से 9 करोड़ कर देनी चाहिए जिससे क्षेत्र का ओर विकास कराया जा सके। 

हम नहीं कह सकते हैं, कि नौकरशाही ने न्याय का ठप्पा लगाया है। न्याय इस सरकार में हो ही नहीं रहा है। नौकरशाही निरंकुश होकर अपने कार्य की परिभाषा बदल रही है, उन्होंने कहा कि सरकार का दबाव नौकरशाही के ऊपर नहीं रह गया है। नौकरशाही बेलगाम हो चुकी है और नौकरशाही अपने तरीके से कार्य कर रही है।

वरिष्ठ नेता राम गोविंद चौधरी कहते हैं कि विधायक निधि ने विधायक की छवि आम जनमानस में कमीशनखोर व ठेकेदार की बना दिया है। वह बताते हैं कि विधायक निधि के खात्मे को लेकर वह विधानसभा में हमेशा आवाज मुखर करते रहे हैं। इसको लेकर विधायक उनपर नाराज भी हो जाते हैं।

नौकर शाह सत्ता धारी दल के जन प्रतिनिधि का पिछलग्गू होकर अपनी कुर्सी बचाने में लगा रहता है। यह सत्य है कि नौकर शाह किसी के खास नहीं है अवसर वादी होते हैं। आज के नौकर शाह सत्ता धारी दल के कार्यकर्ता बनने में जरा भी देर नहीं करते है। देश के लोकतांत्रिक स्वरूप को बचाये रखने के लिए जन प्रतिनिधि को सर्वोच्च अधिकार मिलना चाहिए।