sawan ka mahina

सावन में प्रतिदिन भगवान की शिव की पूजा बहुत ही फलदायी है। भगवान शिव बहुत ही भोले और शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव है । राशि के अनुसार करें भगवान शिव की पूजा उनके अभिषेक से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसी प्रकार विभिन्न राशि के व्यक्तियों के लिए पूजा का अलग अलग महत्व है...

पौराणिक मान्यता के अनुसार हिन्दू धर्मग्रंथों में कहा गया है कि समुद्र मंथन के दौरान निकले विष का पान करने से भगवान शिव के शरीर का तापमान बढ़ने लगा था। ऐसे में शरीर को शीतल रखने के लिए भोलेनाथ ने चंद्रमा को अपने सिर पर धारण किया और अन्य देव उन पर जल की वर्षा करने लगे।