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वर्तमान समय में बैंक फ्राॅड काफी बढ़ गया है। इसलिए हम सभी को बैंक अकाउंट का इस्तेमाल करते समय बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है। अब इसी बीच स्टेट बैंक ऑफ इंडिया(एसबीआई) ने अपने ग्राहकों को अलर्ट किया है।

बताते चलें कि आदेश लागू होंने के बाद, एचडीएफसी बैंक और इंडसइंड बैंक के सीईओ और चेयरमैन को 70 साल होने के बाद अपना पद छोड़ना होगा। इसको लेकर के निजी बैंकों और आरबीआई के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था।

आरबीआई (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) ने इस साल नीतिगत ब्याज दरों में 135 आधार अंक मतलब 1.35 प्रतिशत की कटौती की है। बैंक की इस कटौती का असर कर्ज के लिए ब्याज दरों पर ही नहीं, बल्कि डिपॉजिट रेट्स पर भी पड़ रहा है।

बैंकों में 1 नवंबर से कई बदलाव होने जा रहे है। जिनका सीधा असर ग्राहको के पैसों पर पड़ने वाला है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया डिपॉजिट पर ब्याज की दरेें बदल रहा है। साथ ही कुछ राज्यों में सरकारी बैंकों का खुलने और बंद करने का समय भी बदल रहा है।

आज-कल ऑनलाइन धोखा-धड़ी करना आम हो गया है। बहुत से लोग सारी जानकारी निकालकर किसी के भी अकाउंट से पैसे निकाल लेते हैं। वहीं इस प्लेटफॉर्म का दुरोपयोग कर साइबर हैकर्स लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। वहीं, देश में ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हुई हैं।

मंगलवार को सरकारी बैंकों की हड़ताल है जिसकी वजह से कामकाज ठप रहेगा। सभी बैंकों ने ग्राहकों को इसकी जानकारी पहले ही दे दी है। बैंकों से जुड़े दो यूनियनों ने हड़ताल की घोषणा की है।

दरअसल भारतीय स्टेट बैंक के बहुत से कर्मचारी ऐसे भी हैं, जो कि हड़ताल करने वाले यूनियन का हिस्सा हैं। इसलिए अगर हड़ताल होती भी है भारतीय स्टेट बैंक को ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।

इंटरनेट बैकिंग ने लोगों की जिंदगी को आसान बना दिया है। लोग घर बैठे ही बैंक के काम कर लेते हैं। उन्हें घंटों लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ता है और काम भी मिनटों में ही हो जाता है। लेकिन इन सुविधाओं के साथ ही बैंक ग्राहकों को सचेत और सर्तक भी रहना चाहिए।

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि ग्राहकों को इसके लिए अपने मोबाइल पर बस एक टैप करना होगा। आपको बता दें कि इसके लिए उन्हें पीओएस पर क्रेडिट कार्ड को स्वाइप या छूने या पिन नंबर डालने की जरूरत नहीं होगी। यह भुगतान एनएफसी प्रौद्योगिकी से लैस पीओएस मशीनों पर ही किया जा सकेगा।

ज्ञात हो कि पीएमसी बैंक के दो खाताधारकों की हार्टअटैक से मौत हो गई थी, इसके बाद कोर्ट के बाहर इकट्ठा हुए खाताधारकों ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाए और विरोध किया। विरोध के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपने पैसे वापस किए जाने की मांग की है।