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देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरों को घटा दिया है। नई ब्याज दरें 10 जनवरी, 2020 से लागू भी कर दी गई है।

बैंक ने वन टाइम पासवर्ड आधारित कैश विदड्रॉल सिस्टम शुरू किया है। इसके तहत रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक एटीएम से कैश निकालने के लिए आपको बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आया ओटीपी बताना होगा।

जहां तक सभी लोगों को पता है कि ATM सिर्फ काश निकालने के काम आता है या आप अपना अकाउंट बैलेंस चेक कर सकते हैं। लेकिन क्या आपको ये पता है ATM इस काम के अलावा भी दूसरे काम में आता है।

देश का सबसे बड़ा बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) नए साल पर ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया है। एसबीआई ने एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट 0.25 फीसदी यानी 25 बेसिस प्वाइंट घटाई है।

अगर आप भी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) का एटीएम इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए जरूरी खबर है। एसबीआई ने एटीएम से कैश निकालने के नियम में बड़ा बदलाव किया है। एसबीआई के एटीएम से 1 जनवरी से कैश निकालने का नियम बदल जाएगा।

नए साल से SBI ATM से Cash withdrawal के तरीके में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। एसबीआई ने ये कदम अपने ग्राहकों को बेहतर बैंक फैसिलिटी देने और फ्रॉड ATM ट्रांजैक्शन से बचाने के लिए उठाया है।

आरबीआई ने फ्रॉड से बचने के लिए बैंकों को पहले ही निर्देश दे चुका है। बैंक अब मैगनेटिक स्ट्राइप वाला डेबिट कार्ड बदलकर ज्यादातर नए ग्राहकों को ईएमवी चिप वाला डेबिट कार्ड दे रहा है। जिन ग्राहकों पुराने कार्ड हैं, 31 दिसंबर के बाद वह पैसा नहीं निकाल पाएंगे।

SBI अपने कस्टमर्स के लिया एक अच्छी खुशखबरी लाया है। SBI ने एक साल के मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) में 0.10% कटौती की है।

बता दें कि फ्रॉड से बचने के लिए आरबीआई ने बैंकों को ऐसा करने के लिए आदेश दिया है। ज्यादातर नए ग्राहकों को ईएमवी चिप वाला डेबिट कार्ड ही दिया जा रहा है। जिन ग्राहकों के पास मैगनेटिक स्ट्राइप वाला डेबिट कार्ड है, उससे ग्राहक 31 दिसंबर के बाद पैसा नहीं निकाल पाएंगे।

देश के सबसे बड़े अस्पताल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भी फर्जीवाड़े का शिकार हो गया है। साइबर अपराधियों ने एम्स के दो अलग-अलग बैंक खातों से 12 करोड़ 44 लाख रुपये गायब कर दिए।