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सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर विवाद पर सुनवाई शुरू हो गई है। हिंदू और मुस्लिम पक्ष ने अपनी ओर से लिखित बयान अदालत में पेश किए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान किसी भी टोका-टाकी पर रोक लगाया है।

सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर विवाद पर आज यानी बुधवार को सुनवाई पूरी हो सकती है। देश की सर्वोच्च अदालत में हिंदू और मुस्लिम पक्ष अपनी-अपनी आखिरी दलील रखेंगे। अगर आज सुनवाई पूरी हो जाती है, तो यह सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई समयसीमा से एक दिन पहले पूरी होगी।

सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर विवाद पर आज यानी बुधवार को सुनवाई पूरी हो सकती है। देश की सर्वोच्च अदालत में हिंदू और मुस्लिम पक्ष अपनी-अपनी आखिरी दलील रखेंगे। अगर आज सुनवाई पूरी हो जाती है, तो यह सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई समयसीमा से एक दिन पहले पूरी होगी।

सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर विवाद को लेकर सुनवाई हो रही है। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों के लिए 17 अक्टूबर तक बहस पूरी करने की समयसीमा तय कर दी है। इसके तहत सोमवार को मुस्लिम पक्ष को अपनी दलीलें खत्म करनी हैं, लेकिन उसके वकील राजीव धवन ने कोर्ट से डेढ़ घंटे का का वक्त मांगा है।

अयोध्या में राम मंदिर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में आज यानी सोमवार से आखिरी दौर की सुनवाई शुरू हो रही है। इसकी वजह से अयोध्या में हाई अलर्ट है। इसके साथ ही प्रशासन ने अयोध्या में धारा 144 लगा दी है और जिले की सुरक्षा चाक चौबंद कर दी गई है।।

बताया जा रहा है कि आरे कॉलोनी में पेड़ काटने का विवाद सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है, रविवार को छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सुप्रीम कोर्ट में पेड़ काटे जाने के खिलाफ SC में याचिका दायर की थी।

अयोध्या में राम मंदिर मामले पर सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को साफ कर दिया कि इस मामले पर 18 अक्टूबर के बाद पक्षकारों को जिरह के लिए एक भी दिन अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने साफ-साफ कहा कि सुनवाई पूरी करने की अंतिम तारीख नहीं बढ़ाई जाएगी।

देश के वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने आर्थिक मंदी के लिए देश की सर्वोच्च अदलात सुप्रीम कोर्ट को भी जिम्मेदार ठहराया है। साल्वे ने कहा कि 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने टू जी स्पेक्ट्रम केस में 122 लाइसेंस को रद्द कर दिया था। इसके अलावा साल 2012 में कोयले की खदानों का आवंटन भी रद्द कर दिया गया था।

राजीव कुमार ने बारासात सीबीआई कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की है. जज कल उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करेंगे। सीबीआई इस जमानत याचिका के विरोध में है।

सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 370 को लेकर दायर याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई हुई। याचिका में प्रदेश में लगी पाबंदियों का मसला भी उठाया गया था और कहा गया था राज्य में टेलीफोन, मोबाइल जैसी जरूरी सेवाएं बाधित हैं।