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दुनियाभर में कोरोना वायरस की वैक्सीन को लेकर होड़ मची हुई है। ऐसे में वायरस की वैक्सीन तैयार करने को लेकर ब्रिटेन के दो वैज्ञानिकों के बीच झड़प का मामला सामने आया है

कोरोना के मामले पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रहे हैं। सभी देश टेस्ट की संख्या बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। अब इस बीच सिंगापुर के वैज्ञानिकों ने नई तकनीक विकसित की है।

कोलंबिया यूनिवर्सिटी के जेनेटिक्स विभाग के प्रमुख प्रोफेसर गेरार्ड कारसेंटी पिछले 30 सालों से हड्डियों में छिपे इस राज को जानने के लिए रिसर्च कर रहे थे।

दुनिया भर में तमाम देश इस बात को जानना चाहते हैं कि आखिर कोरोना वायरस का संक्रमण चमगादड़ से इंसानों तक कैसे पहुंचा। यह मामला विश्व स्वास्थ्य संगठन तक भी पहुंच चुका है और यूरोपीय यूनियन के प्रस्ताव पर कई देशों ने मांग की है कि यह पता लगाया जाना जरूरी है कि आखिर इंसानों तक इस वायरस का संक्रमण कैसे पहुंचा।

अमेरिका स्थित येल स्कूल ऑफ मेडिसिन सहित विभिन्न संस्थानों से जुड़े वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण अध्ययन के बाद रेड लाइट एरिया को बंद रखने का सुझाव दिया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस अध्ययन के नतीजों के बारे में भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों को भी जानकारी दी गई है।

दुनिया भर में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के बाद अब हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर दुनिया से इस वायरस का खात्मा कब तक होगा। दुनिया भर में कोरोना के बढ़ते केसों के बीच एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि यह वायरस इतनी जल्दी इंसानों का पीछा नहीं छोड़ने वाला है।

चीन के वुहान से फैला कोरोना वायरस पूरी दुनिया में तबाही मचा रहा है। कहा जाता है ये जानलेवा से वायरस चमगादड़ से इंसानों में फैला है। अभी इस वायरस की कोई दवा नहीं बन पाई है और दुनियाभर के वैज्ञानिक वैक्सीन बनाने में लगे हैं।

पूरे विश्व में कोरोना वायरस के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। इसे रोकने के लिए कई तरह की स्टडीज की जा रही हैं। कोरोना वायरस के सामान्य लक्षणों में सर्दी, खांसी, बुखार,सांस में दिक्कत और गले में खराश जैसी परेशानी हो जाती है।

सैकड़ों षोधकर्ता कोरोनो वायरस के जीन पर अध्ययन कर रहे हैं, जिसे सार्स-कोव-2 भी कहा जाता है। यह जीन फेफड़े की कोशिका को संक्रमित करता है और इसके लिए उस वायरल प्रोटीन को रोकने की जरूरत है जो...

नई दिल्ली: भगवान शिव को ब्रह्मांड में जीवन का आधार माना गया है। जन्म से लेकर मृत्यु तक सबमें शिव की अवधारणा समाई है। शिव जीवन की सबसे बड़ी उर्जा हैं। जिस बात की व्याख्या वैज्ञानिक भी करते हैं। पुराणों में शिव की अवधारणा को लेकर कुछ वैज्ञानिकों ने अपने स्पष्ट दृष्टिकोण दिए हैं। आपको …