shariat law

लखनऊ: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीबीएल) ने कहा है कि मुस्लिमों में तीन बार तलाक कहने पर होने वाले तलाक या शरीयत के अन्य कानून पर सुप्रीम कोर्ट को बोलने का हक नहीं है। क्या कहते हैं जफरयाब जिलानी? एआईएमपीबीएल के प्रवक्ता ने सोमवार को newztrack.com से बात करते हुए कहा, ”सुप्रीम कोर्ट ने …