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हाईकोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार को आदेश दिया है कि प्रदेश में शियाओं व सुन्नियों के लिए अलग-अलग वक्फ बोर्डों के बजाय मुस्लिम वक्फ बोर्ड के नाम से एक ही बोर्ड बनाने की मांग केा लेकर एक याची की ओर से प्रेषित प्रत्यावेदन पर वक्फ अधिनियम 1995 के तहत विचार कर निर्णय लिया जाये।

शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान के भारत दौरे का विरोध किया किया है। मौलाना ने शुक्रवार को मोहम्मद बिन सलमान के भारत दौरे की निंदा करते हुए कहा कि बिन सलमान दहशतगर्दी को बढ़ावा देने और फंडिंग करने वालों में शामिल हैं,ऐसे व्यक्ति का हिन्दुस्तान में स्वागत नहीं होना चाहिए था।

लखनऊ : शिया मुसलमानों के यहां इफ़्तार पार्टी और शादी की दावत में खाने को लेकर जारी फतवे को दारुल उलूम देवबंद ने फर्जी करार दिया है। दरअसल एक चिठ्ठी के जरिए दावा किया गया कि दारुल उलूम देवबंद ने फतवा जारी किया है, शिया मुस्लमानों के इफ़्तार पार्टी और शादी की दावतों में खाना …

शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जव्वाद नकवी ने यहां सरकार द्वारा हज पर सब्सिडी बंद किये जानें के मुद्दे पर कहा कि बहुत से धार्मिक कार्यक्रमों में सरकार खरबों रुपये खर्च करती है, जम्मू में वैष्णो देवी व कैलाशमान सरोवर पर भी तो सब्सिडी दी जा रही है। तो हज पर सब्सि

वक्फ की जमीनों को लेकर विवादों में रहने वाले शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिज़वी अब सोशल मीडिया पर अपने एक फोटो को लेकर घिर गए हैं। वसीम रिजवी ने मानव खोपड़ी के साथ फोटो खिंचवा कर फेसबुक पर पोस्ट किया है।

लखनऊ: अवध की नगरी में रंगों का खुमार अभी उतरा नहीं है। आज यानी कि 21 मार्च को ‘नवरोज’ मनाया जाता है। बता दें कि नवरोज नए साल और बसंत के स्वागत के लिए मनाया जाता है। नवरोज पारसियों का नया साल है। खास बात यह है कि इसका जश्न पूरे दो सप्ताह चलता है। …

AIMPLB सदस्य खालिद रशीद फरंगीमहली ने कहा कि कानून ने हमें यह हक दिया है कि किसी फैसले से हम इत्तेफाक नहीं रखते तो उसके खिलाफ अपील करें। बोर्ड की लीगल कमेटी इस फैसले की स्ट़डी करेगी और उसके खिलाफ अपील करेगी।

अफगानिस्तान की राजधानी में सोमवार को शिया समुदाय की एक मस्जिद में भीषण विस्फोट हुआ। जिसमें 28 लोगों की मौत हो गई और 45 से जयादा लोग घायल हो गए।

इस्लामिक विद्वानों ने कहा कि इस्लाम अमन, भाईचारे और इंसानियत से प्यार करने का मज़हब है, लेकिन मुसलमानों को बदनाम करने के लिए इन्हें लड़ाया जाता रहा है। धर्मगुरुओं ने कहा कि शिया और सुन्नी समुदाय शांति और सद्भाव से रहना चाहते हैं, लेकिन उन्हें लड़ाने की राजनीतिक साजिशें रची जाती हैं।

शरीअत एप्लिकेशन अधिनियम 1935 के तहत मुसलमानों को अपनी व्यवस्था का पालन करने का जो अधिकार मिला हुआ है, वह अभी शादी, तलाक, गज़ारा भत्ता और विरासत तक सीमित है। हालांकि अब तो उस पर भी सवालिया निशान लगे हुए हैं और 3 तलाक का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।