shimla

परिजनों की यादें संजोने के लिए एक ब्रिटिश जोड़ा शिमला पहुंचा। इस दौरान महिला जेलियन ने मां का बर्थ सर्टिफिकेट शिमला नगर निगम से हासिल किया।

  हिमाचल में भारी बर्फबारी से परिवहन सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। 450 रूट बाधित हैं। इनमें जिला शिमला के सर्वाधिक 335 रूट हैं। परिवहन निगम ने चालक और परिचालकों को बर्फ में बस चलाते वक्त रिस्क न लेने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, रूट रूटों पर दोपहर बाद परिवहन सेवाएं सुचारु कर दीं।

हिमाचल की राजधानी शिमला सहित कई क्षेत्रों में  भारी हिमपात हुआ है। कुल्लू, मंडी, सिरमौर, लाहौल-स्पीति भी भारी बर्फबारी हुई है। हिमाचल के सात जिले बर्फ की आगोश में हैं। भारी हिमपात के कारण सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रभावित हुई है।

नवरात्र में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से करीब पंद्रह किलोमीटर दूर छाराबड़ा में आलीशान घर बनाया है। प्रियंका गांधी अपने इस बंगले में गृहप्रेवश के लिए शिमला में हैं।

भारत के कई पर्यटक स्थलों पर बंदरों का आतंक है। जहां पर बंदरों का उत्पात लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इनमें से एक शिमला भी है। यहां घूमने आने वाले पर्यटकों पर बंदर अक्सर हमला करते रहते है।

शिमला में सोमवार को हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की स्कूल बस लोअर खलीनी में सड़क से करीब 300 मीटर गहरी खाई में गिर गई थी। इस हादसे में कॉन्वेंट ऑफ जीजस एंड मैरी (चेल्सी) स्कूल की दो छात्राओं और ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई।

गर्मी की छुट्टियों में लोग अकसर ठंड और सुहाने मौसम वाली जगहों पर जाना पसंद करते हैं। अगर आप गर्भी से छुटकारा के साथ सैर और मन की शांति चाहते हैं तो स्पिति इसके लिए बेहतर और बिल्कुल सही डेस्टीनेशन है।

शिमला मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि भूकंप के झटके सुबह चार बजकर 32 मिनट पर महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र मंडी के पूर्वोत्तर में 10 किलोमीटर की गहराई में था।

पूरा देश जहां सूरज की तपिश झेलने को मजबूर है। पारा उबल रहा है, इंसान और जानवर गर्मी से बेहाल हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश में बर्फीले तूफ़ान की दस्तक से मौसम का रुख बदल गया है। लोगों में हैरत के साथ ही डर भी घर कर गया है इस बेमौसम बर्फीले तूफ़ान से। 

शिमला। हिमाचल प्रदेश के मंडी संसदीय क्षेत्र में प्रदेश की राजनीति के के दो बड़े दिग्गज हैं – पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम। अब तक हुए लोकसभा चुनावों में वीरभद्र सिंह और सुखराम के परिवार ने आठ बार चुनाव जीत कर रिकार्ड बनाया है। रिकार्ड राजनीतिक दल बदल-बदल कर चुनाव …