shivpal yadav

आजादी के बाद से ही देश की राजनीति में विरासत का जो दौर शुरू हुआ उसमें पिता-पुत्र से लेकर पिता-पुत्री, ससुर-दामाद से लेकर बहू-सास तक शामिल रहे है। पर इन दिनों महाराष्ट्र की राजनीतिं चाचा शरद पवार और भतीजे अजीत पवार को लेकर सुखियों में है।

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि आप लोग चाहो तो मैं राजनीति में कार्यकर्ता बनने के लिए तैयार हूं। शिवपाल यादव शुक्रवार को सैफई के चंदगीराम स्पोर्ट्स स्टेडियम में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के जन्म दिवस के मौके पर आयोजित समारोह में बोल रहे थे।

बताते चलें कि अभी हाल ही में चाचा- भतीजे यानि शिवपाल और अखिलेश यादव एक साथ नेता जी के घर पर दिखााई दिए थे जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुलायम सिंह यादव का हाल चाल जानने उनके घर पहुंचे थे।

प्रदेश के मुखिया सीएम योगी बुधवार सुबह पूर्व मुख्‍यमंत्री मुलायम सिंह यादव के घर पहुंचे, उन्होंने सपा सांसद मुलायम सिंह यादव का हालचाल लेने और दीपावली की शुभकामनाएं दी।

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव की क्या समाजवादी पार्टी में वापसी होगी? कई दिनों से ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि शिवपाल सिंह एक बार फिर से सपा में शामिल हो सकते हैं।

इसके साथ ही पूर्व में कांग्रेस और हाल ही में बसपा से गठबंधन के कड़वे अनुभव के बाद अब वह किसी भी दल से गठबंधन करने में हिचक रहे है। इस मुश्किल घड़ी में ही अखिलेश को फिर अपने चाचा की याद आ गई है।

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल यादव ने अयोध्या में प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार कानून-व्यवस्था सुधारने में असफल साबित हुई है।

एक अन्य कमेंट में कहा गया है कि अगर सपा अपनी परम्परागत प्रतिद्वंदी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन कर सकती है तो अपने तो अपने होते है, एक साथ हो कर देख ले 2022 में बुआ की जरूरत नहीं पडेगी और हम फिर सरकार में होंगे।

इस चुनाव ने आरएलडी की तो मानों जान ही निकाल दी है। महागठबंधन के सहारे इस बार दिल्ली ससंद पहुंचने की आस लगाए बैठे अजित सिंह और बेटे जयन्त इस बार भी नही जीत सके। अजित सिंह उम्र के जिस पंडाव पर हैं।