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महाराष्ट्र की राजनीति में उठापटक का दौर जारी है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिल कर भाजपा को तो सत्ता से बाहर कर दिया और सरकार बना ली, लेकिन अब गठबंधन की उद्धव सरकार में तालमेल नहीं बन पा रहा है।

बता दें कि महाराष्ट्र के बीड जिले के मजलगांव सीट से एनसीपी विधायक प्रकाश सोलंके ने कहा कि वह विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देंगे, क्योंकि वह राजनीति करने के लिए अयोग्य हैं।

महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन की उद्धव ठाकरे सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार में अजित पवार को बड़ी जिम्मेदारी मिलना पहले से ही तय माना जा रहा था। पवार एनसीपी के कद्दावर नेता हैं और माना जा रहा है कि इसी कारण शरद पवार की ओर से उन्हें डिप्टी सीएम बनाने की हरी झंडी दी गई।

सोमवार को महाराष्ट्र में उद्धव सरकार एक बार फिर से मंत्रिमंडल का विस्तार करने वाली हैं। महाराष्ट्र कांग्रेस के 12 विधायक सूबे के मंत्री पद की शपथ लेंगे। मंत्रियों के नामों पर रविवार को फैसला हो गया है। इन मंत्रियों में से 10 मंत्री कैबिनेट स्तर के है।

महाराष्ट्र में जिन किसानों ने अप्रैल 2015 और मार्च 2019 के बीच कृषि ऋण लिया है, और कर्ज की राशि दो लाख रुपये से अधिक है, वे कर्ज माफी योजना के पात्र नहीं होंगे। शनिवार को यहां जारी एक सरकारी प्रस्ताव (जीआर) में यह जानकारी दी गई। बता दें कि उद्धव ठाकरे की सरकार ने कुछ सप्ताह पहले कर्ज माफी योजना की घोषणा की थी।

विधानसभा में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा नियम के हिसाब से 30 सितंबर 2019 तक के कर्ज माफ होंगे। कर्जमाफी की प्रक्रिया मार्च 2020 से शुरू होगी। विपक्ष ने पूर्ण कर्जमाफी की मांग को लेकर विधानसभा से वाकआउट किया।

जीवीएल नरसिम्हा राव ने ट्वीट कर कहा है कि आपके (राहुल गांधी) लिए अधिक उपयुक्त नाम राहुल जिन्ना है। आपकी मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति और मानसिकता आपको सावरकर की नहीं, बल्कि मोहम्मद अली जिन्ना की योग्य वारिस बनाती है।

महाराष्ट्र में सरकार गठन के बाद अब शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की गठबंधन की सरकार में मंत्रालयों को बंटवारा हो गया है। इस बंटवारे में शिवसेना को गृह मंत्रालय मिला है। इसके साथ ही शिवसेना को शहरी विकास और पर्यावरण मंत्रालय भी दिया गया है।

लोकसभा में आज गृह मंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन बिल पेश किया तो कांग्रेस के साथ तृणमूल कांग्रेस के साथ कई विपक्षी पार्टियों ने नागरिकता संशोधन बिल का विरोध किया और इसे संविधान के खिलाफ बताया। विरोध के बाद भी बिल को पेश करने के लिए लोकसभा में मतदान कराना पड़ा और बिल पेश करने के पक्ष में 293 व विरोध में 82 वोट पड़े।

औरंगाबाद महानगरपालिका में शिवसेना और बीजेपी की सत्ता है। महानगरपालिका का कार्याकाल दो-तीन महीने में खत्म होने वाला है। औरंगाबाद के प्रियदर्शनी उद्यान में बालासाहेब ठाकरे का स्मारक बनाने का प्रस्ताव पहले ही मंजूर किया गया।