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अगर आप फिजिकल गोल्ड खरीदते हैं तो आपको कुल कीमत पर जीएसटी भी चुकाना होता है लेकिन सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में GST नहीं देना होता। इसके अलावा मैच्योरिटी के वक्त कोई भी कैपिटल गेंस बिल्कुल टैक्स फ्री होता है।

जानकारों का कहना है कि विदेशी बाजार के साथ-साथ घरेलू वायदा बाजार में मंगलवार को सोने में तेजी दिखी। । इसके अलावा अमेरिका में राहत पैकेज से जुड़े नए विधेयक पर भी नजरें हैं।

त्योहारों से पहले सोने और चांदी के दाम में भारी गिरावट दर्ज की गई है। शादियां और त्योहार शुरू होने से पहले सोने और चांदी के दाम सस्से होने की वजह से ग्राहकों में खुशी है।

भारत में सोना महंगा होने के बावजूद लोगों का यह सबसे पसंदीदा धातू है। लोग मंहगा होने के बावजूद सोने के गहने खरीदते हैं और पहनते हैं। स्पॉट गोल्ड की कीमतों में गुरुवार को भी गिरावट दर्ज की गई।

अगर हम अगस्त के मुकाबले सितंबर महीने की बात करे तो अब तक सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई। लेकिन इसके बावजूद सर्राफा बाजार में सोना अपने 7 अगस्त के ऑल टाइम हाई से 4634 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता है।

त्योहारी सीजन शुरू होने वाले हैं इससे पहले ही सोना-चांदी के दाम में गिरावट आई है। यह लगातार दूसरे दिन सोने-चांदी के दाम गिरावट आई है। देशभर के सर्राफा बाजारों में सोने-चांदी की कीमत में गिरावट दर्ज की गई है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोना 422 रुपये बढ़कर 53,019 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। चांदी की बात करें, तो चांदी की मांग में बढ़ोतरी देखी गई, जिससे यह 1,013 रुपये बढ़कर 70 हजार के पार चली गई।

वैश्विक बाजार में सोने की कीमत कम होने से मंगलवार को घरेलू बाजार में सोने की कीमत 1,317 रुपये घटकर 54,763 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। इसी तरह अगर हम चांदी की बात करें, तो यह 2,493 रुपये सस्ती हुई और इसकी कीमत 73,600 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई है।

भारत में सोने और चांदी के दामों में इस साल लगातार बढ़ोतरी हुई है। वहीं दो महीनों में इसकी कीमतों में भारी इजाफा होने की संभावना है।

कोरोना संकट के बीच सोने में जबरदस्त उछाल आया है। इस साल जनवरी से अब तक सोने की कीमतों में लगातार तेजी आई। ऐसे में सोने में निवेशकों को भी अच्छा खासा रिटर्न मिला।