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उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष, हृदय नारायण दीक्षित ने जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा में आतंकवादियों से मुठभेड़ में सीआरपीएफ के शहीद जवान अश्विनी कुमार, संतोष कुमार चंद्रशेखर मौर्य की वीरता को नमन करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।

युद्धों की वजह से हजारों-लाखों सैनिकों को अपनी जान भी गंवानी पड़ती है, लेकिन आज से लगभग 231 साल पहले एक युद्ध बहुत ही हैरान कर देने वाली वजह से लड़ा गया था, जिसमें एक ही तरफ के लगभग 10 हजार के सैनिक मारे गए थे।

कोरोना संक्रमण काल को रोकने में पुलिस की मुस्तैदी का अहम रोल है लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि ड्यूटी पर तैनात एक सिपाही अपनी खुशियों को दरकिनार कर इस आपातकाल में ड्यूटी करके ज्यादा खुश है।

छत्तीसगढ़ के सुकमा में शनिवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में 17 जवान शहीद हो गए। वहीं मुठभेड़ में पांच से छह नक्सलियों के मारे जाने की भी खबर है। बताया जा रहा है कि कई नक्सली घायल भी हुए हैं।

पश्चिम अफ्रीकी देश माली के उत्तरी हिस्से में शुक्रवार को आतंकी हमले में आठ सैनिकों की मौत हो गयी। इस बात की जानकारी राष्ट्रीय सेना ने दी है।

आतंकी मनसूबे कम होने का नाम नहीं ले रहे। एक खूंखार आतंकी संगठन ने सेना पर हमला कर दिया, इस हमले में नए भर्ती में शामिल हुए दो सैनिकों की मौत हो गयी।

विश्व नये साल का जश्न मना रहा है, वहीं आतंकी अपनी नापाक साजिशों (Terror Attack) में लगे हुए हैं। जानकारी के मुताबिक़,बुधवार को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हो गयी, जिसमें सेना के दो जवान शहीद हो गये। फिलहाल आतंकियों की तलाश जारी है, अब तक हमला करने वाले किसी आंतकी तक सेना नहीं पहुंच सकी है।

रविवार के मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि सीरियाई कुर्द लड़ाकों ने लगभग 20 बार तीन दिन पुराने संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। बयान में कहा गया है कि सैनिक विरोधी टैंक हथियारों और छोटे हथियारों की आग के हमले में सैनिक दिन में एक अवलोकन पारी के दौरान मारा गया था, जिससे सीरिया कुर्द बलों के खिलाफ व्यापक व्यापक हमले में सात सैनिकों की तुर्की की सैन्य मौत हो गई।

मामला जम्मू-कश्मीर से है, जहां शनिवार का दिन 575 परिवारों के लिए एक नया सौगात ले कर आयी। बताया जा रहा है कि 575 जवान जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री में शामिल हुए। शनिवार को हुई पासिंग आउट परेड के बाद यह सभी भारतीय सेना का हिस्सा बन गए।

सरहद की रक्षा करने वाले भारतीय सेना के सिपाही अवनीश कुमार व उसके तीन 6 वर्षीय जुड़वा बच्चों को जान का खतरा है। जान का खतरा किसी सरहद के दुश्मनों से नही बल्कि अपने ही देश जनपद गांव के दबंग लोगों से है।