sonbhadra

हालांकि आग कैसे और किन परिस्थितियों में लगी है, इस पर अभी तक कोई भी अधिकारिक तौर पर बताने को तैयार नहीं है। जिले के अधिकारी घटना की सूचना पाकर मौके पर आग बुझाने के प्रयास में लगे हैं।

सोनभद्र में आकाशिय बिजली की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गयी, बताया जा रहा है कि आकाशिय बिजली, यूपी सीमा के सुअरसोत गांव से करीब सात किमी दूरी पर स्थित अधौरा (कैमूर बिहार)थाना क्षेत्र के गड़के मोड़ पर शनिवार की शाम लगभग चार बजे गिरी है।

इस अवसर पर ग्यारह मृतकों के आश्रितों को 18 लाख 50 हजार की दर से सहायता राषि और उनके परिवार के लिए निराश्रित महिला पेंषन तथा 20 घायलों को 6 लाख रुपए की दर से सहायता राषि भी प्रदान की गयी।

कांग्रेस की नेता प्रियंका गांधी मंगलवार को उत्तर प्रदेश के सोनभद्र के दौरे पर पहुंची। कांग्रेस नेता और राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी का यह जिले उम्भा गांव में 10 लोगों की सामूहिक हत्या के महीने भर के भीतर दूसरा दौरा था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोनभद्र मामले में रेणुका कुमार की रिपोर्ट स्वीकार करते हुए बड़ा एक्शन लिया है। सीएम ने सोनभद्र के डीएम अंकित अग्रवाल को हटा दिया है।

जनपद सोनभद्र के थाना घोरावल क्षेत्र के मूर्तिया (उभ्भा) गांव 17 जुलाई को हुए नरसंहार के मामले की जांच करने बुधवार को अपर मुख्य सचिव के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम सोनभद्र पहुंची।

सोनभद्र में हुई जमीनी विवाद को लेकर 10 लोगों की हत्या के बाद राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ती ही जा रही हैं । प्रियंका और उसके बाद योगी आदित्यनाथ का दौरा अभी थमा ही नहीं कि सोमवार को नेता विधान दल बसपा के लाल जी वर्मा एक प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचकर हालात का जायजा लिया।

सोनभद्र में जमीन विवाद को लेकर 10 लोगों की हत्या कर दी गई थी। बाद में इस मामले को लेकर राजनीति शुरू हो गई। इस दौरान पीड़ित परिवार से मिलने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी सोनभद्र गई थीं। हालांकि, उन्हें मिर्जापुर में रोक दिया गया था।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का धरना प्रदर्शन अब खत्म हो गया है। 26 घंटों के समय के बाद सोनभद्र नरसंहार के पीड़ित परिजन शनिवार को मिर्जापुर के चुनार गेस्ट हाउस में प्रियंका गांधी से मिले। हालांकि, प्रशासन ने सिर्फ दो लोगों को ही प्रियंका से मिलने की इजाजत दी।

उन्होंने आगे लिखा कि, 'यूपी के सोनभद्र में आदिवासी समाज का उत्पीड़न व शोषण, उनकी जमीन से बेदखली व अब नरसंहार स्टेट बीजेपी सरकार की कानून-व्यवस्था के मामले में फेल होने का पक्का प्रमाण। यूपी ही नहीं देश की जनता भी इन सबसे अति-चिन्तित जबकि बीएसपी की सरकार में एसटी तबके के हितों का भी खास ख्याल रखा गया।'