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जनपद सोनभद्र के थाना घोरावल क्षेत्र के मूर्तिया (उभ्भा) गांव 17 जुलाई को हुए नरसंहार के मामले की जांच करने बुधवार को अपर मुख्य सचिव के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम सोनभद्र पहुंची।

सोनभद्र में हुई जमीनी विवाद को लेकर 10 लोगों की हत्या के बाद राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ती ही जा रही हैं । प्रियंका और उसके बाद योगी आदित्यनाथ का दौरा अभी थमा ही नहीं कि सोमवार को नेता विधान दल बसपा के लाल जी वर्मा एक प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचकर हालात का जायजा लिया।

सोनभद्र में जमीन विवाद को लेकर 10 लोगों की हत्या कर दी गई थी। बाद में इस मामले को लेकर राजनीति शुरू हो गई। इस दौरान पीड़ित परिवार से मिलने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी सोनभद्र गई थीं। हालांकि, उन्हें मिर्जापुर में रोक दिया गया था।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का धरना प्रदर्शन अब खत्म हो गया है। 26 घंटों के समय के बाद सोनभद्र नरसंहार के पीड़ित परिजन शनिवार को मिर्जापुर के चुनार गेस्ट हाउस में प्रियंका गांधी से मिले। हालांकि, प्रशासन ने सिर्फ दो लोगों को ही प्रियंका से मिलने की इजाजत दी।

उन्होंने आगे लिखा कि, 'यूपी के सोनभद्र में आदिवासी समाज का उत्पीड़न व शोषण, उनकी जमीन से बेदखली व अब नरसंहार स्टेट बीजेपी सरकार की कानून-व्यवस्था के मामले में फेल होने का पक्का प्रमाण। यूपी ही नहीं देश की जनता भी इन सबसे अति-चिन्तित जबकि बीएसपी की सरकार में एसटी तबके के हितों का भी खास ख्याल रखा गया।'

इसपर मिर्जापुर प्रशासन ने प्रियंका से बात करके उनसे कहा कि बिजली न होने की वजह से यहां एसी नहीं है। इसलिए उन्हें वाराणसी चले जाना चाहिए। मगर प्रियंका नहीं मानीं।

नारायणपुर में धरने पर बैठीं प्रियंका गांधी ने सोनभद्र में पीड़ित परिवारों से मिलने से रोके जाने पर कहा कि वो बस पीड़ित परिजनों से मिलना चाहती हैं लेकिन प्रशासन उन्हें ऐसा करने नहीं दे रहा।

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में जमीनों के कब्जे की घटनाएं कोई नई बात नही यह अलग बात है कि आज बड़ी बात हो गयी। यदि जमीनों के विवाद के मामले देखा जाए तो वनभूमि के कब्जे और आदिवासियों को बेदखल करने का मामला शुरू से चला आ रहा है।

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां जमीन विवाद में 9 लोगों की हत्या की खबर है। जिले के घोरावल कोतवाली क्षेत्र के मूर्तिया ग्राम पंचायत में दो पक्षों में जमकर गोली, लाठी डंडे, कुल्हाड़ी, पत्थर चले।

अब तक केवल लोगों को जागरूक करने के लिए ही कहा जाता था कि मोबाइल का रेडिएशन बाडी के लिए खतरनाम साबित हो सकता है लेकिन किसी की इससे मौत हो जाए। यह बात कुछ अजीबो गरीब लगती थी पर ऐसा हुआ है।