sonu sood

अभिनेता सोनू सूद की एक और दरियादिली सामने आयी है। उन्होंने हाल ही में अपने वादे को मिभाते हुए कुछ ही घंटो के भीरत आंध्रप्रदेश के एक गरीब किसान के परिवार के घर ट्रैक्टर पहुंचा दिया है।

फिल्मों के विलेन सोनू सूद रियल लाइफ के हीरो है। कोरोना संकट के दौर में उन्होंने जो किया पूरी दुनिया उसकी तारीफ कर रही है। कोरोना के दौरान सोनू सूद का एकदम अलग रूप दिखा। सोनू सूद ना जात देख रहे और ना ही धर्म, वे बस हर जरूरतमंद तक मदद पहुंचा रहे हैं। अब सोनू सूद देश के अन्नदाता किसानों की मदद करने को आगे आए हैं।

कोरोना सकंट के समय लॉकडाउन में सोनू सूद ने जो दरियादिली काम किया है वो वाकिये काबिले तारीफ है। सोनू ने प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने की कोशिश में लगे हैं। और बहुत हद तक उनहें कामयाबी भी मिली है। सोनू के काम की बहुतों ने तारीफ की है तो कुछ ने आलोचना भी की।

देश भर में हजारों मजदूरों को उनके घर पहुंचाने को लेकर एक्टर सोनू सूद की हर तरफ तारीफ हो रही है। प्रवासी मजदूरों को घर भेजने में फिल्म स्टार सोनू सूद ने जो मदद की,  उस पर भी राजनीति होने लगी है। शिवसेना के अखबार सामना में सोनू सूद को बीजेपी की कठपुतली बताया गया है।

कोरोना सकंट के दौर में  सोनू सूद गरीबों के मसीहा बन गए है। हर तरफ उनके काम की तारीफ हो रही है।  सोशल मीडिया से लेकर रियल लाइफ में लोग उनकी तारीफें कर रहे है। जहां  कोरोना का खौफ दिख रहा है तो वहीं सोनू भी आशा की किरण की तरह दिख रहे है।

बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद मजदूरों के लिए मसीहा बन कर सामने आए हैं। जिसने भी उनसे मदद मांगी उन्होंने अपने स्तर से सभी को मदद पहुंचायी। वहीं शिवसेना का कहना है कि एक्टर सोनू सूद बीजेपी का प्यादा हैं।

लॉकडाउन में लोग घरों में कैद है। बॉलीवुड के सितारे भी कोरोना के इस दौर में स्टारडम से दूर हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी स्टार है जो अपने काम से रियल स्टार बन कर लोगों के दिलों में जगह बना रहे हैं। उनमें एक्टर सोनू सूद आजकल खासे चर्चा में हैं और अपने काम से लोगों के दिलों में जगह बना रहे हैं। सोनू ने प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है।

सोनू सूद कोरोना और लॉकडाउन जैसे मुश्किल वक्त में उन गरीब और असहाय मजदूरों और गरीबों की मदद कर रहे हैं जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।

कोरोना वायरस की वजह से देश में हुए लॉकडाउन के चलते, लाखों प्रवासी मजदूर फंस गए हैं। ये मजदूर अपने घर पैदल ही वापस जा रहे हैं। हालांकि सरकार ने इन मजदूरों वापस उनके गांव छोड़ने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चला रही है,

सोनू सूद तो अपना काम कर रहे हैं। बिना किसी प्रतिदान के कर रहे है। ईमानदारी से कर रहे हैं। अब हम लोगों का काम सोनू सूद के लिए शुरू होता है। वह जिस भी सामान का प्रचार करें हम उसके ग्राहक बनें। जिस फ़िल्म में काम करें उसे बढ़ चढ़कर कर देखें।