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जनपद के थाना सरायख्वाजा क्षेत्र स्थित ग्राम भदेठी में दलित बनाम अल्पसंख्यक का विवाद जहां राजनीति का अखाड़ा बन गया है

केंद्र सरकार द्वारा रोजगार के लिए चयनित प्रदेश के 31 जिलों में बलिया को शामिल नहीं करने का मामला भाजपा के लिए परेशानी का सबब बन गया है। इस मसले पर सपा ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा है।

राजधानी लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर उस समय अफरातफरी मच गई जब एक फार्च्यूनर कार सवार एक पुलिसकर्मी ने रिक्शाचालक को पहले थप्पड़ और लात घूसों से पीटा, इससे भी उसका जी नहीं भरा तो उसने अपने सरकारी शस्त्र से रिक्शाचालक को लहूलुहान कर अधमरा कर दिया।

यूपी में कोरोना को लेकर शुरू हुई सियासत अब सदन से सड़क पर दिखाई देने लगी है। सपा-कांग्रेस और सताधारी पार्टी बीजेपी के कार्यकर्ता लोगों को मदद पहुँचाने में लगे हुए हैं।

विभिन्न विपक्षी दलों के नेता कोरोना संकट से उपजे हालत, लॉकडाउन के दौरान मजदूरों के पलायन और पैदल ही घर जाने जैसे मुद्दों पर शुक्रवार को...

लाकडाउन के कारण अन्य राज्यों में फंसे यूपी के मजदूरों को वापस लाने के लिए प्रियंका गांधी की बसों से भले ही एक भी मजदूर अपने घर तक न पहुंचा हो लेकिन इस पूरे प्रकरण ने कांग्रेस को एक बार फिर यह साबित करने का मौका दे दिया कि विधानसभा में संख्याबल में कम होने के बावजूद असली विपक्ष की भूमिका वहीं निभा रही है।

कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने सरकार के इस फैसले का विरोध किया है। कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा है कि आत्मनिर्भर की बात करने वाली सरकार ने रक्षा क्षेत्र में FDI बढ़ा दी।

डीएम व एसपी संयुक्त रुप से पर्याप्त पुलिस बल के साथ शहर क्षेत्र में रमजान माह के दृष्टिगत शान्ति, कानून व्यवस्था बनाये रखने व नोवेल कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के दृष्टिगत प्रभावी लॉकडाउन व सोशल डिस्टेसिंग का कड़ाई से पालन कराने हेतु रूट मार्च में शामिल रहे।

अर्शी पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट छात्रावास में बाहर से आए हुए लोगों के लिए क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। यहां की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। दो-तीन लोगों ने भोजन कम मिलने की शिकायत की। इस पर डीएम ने मांग के तहत भोजन देने को कहा।

कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन के बावजूद लाखों मजदूरों के बड़े शहरों से अपने-अपने गांवों की ओर पलायन पर केंद्र सरकार ने सख्त रवैया अपना लिया है।