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भींगे होंठ तेरे प्यासा दिल मेरा, होंठ रसीले तेरे होंठ रसीले, होंठों मे ऐसी बात मैं दबाके चली आई.... ऐसे ही तमाम गाने हैं जो महिलाओं में होंठों की खूबसूरती को साफ बयां करते हैं। इसके अलावा शायरी की बात करें तो लब्जों और होंठ का जिक्र शायरी में खूब किया जाता है।

इस्लामाबाद के ‘इस्टीट्यूट आॅफ स्ट्रेटजिक स्टडीज’ में हुए मेरे भाषण की अध्यक्षता पूर्व विदेश मंत्री आगा शाही कर रहे थे। मैंने कहा था कि मैं आपके और हमारे दोनों कश्मीरों की आजादी और एकता चाहता हूं।

अफगानिस्तान के युवा क्रिकेटर राशिद खान की दुनिया के खुंखार गेंदबाजों में गिनती होती हैं। राशिद आज यानी 20 सितंबर को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। वह 21 साल के हो गए। बतौर स्पिनर करियर शुरु करने वाले राशिद आज अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान बन चुके हैं।

यदि भारत और उसके पड़ोसी देशों के बीच इसी तरह गैस, तेल, बिजली और पानी की पाइपलाइनें पड़ जाएं तो बड़ा चमत्कार हो सकता है। + सभी दक्षिण एशियाई देशों को अरबों रुपये की बचत हर साल हो सकती है। भारत की इस पाइपलाइन से नेपाल को हर साल 200 करोड़ रुपये की बचत

अनंत चतुर्दशी 2019 में 12 सितंबर को मनाई जा रही है। इस दिन भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा होती है। गणपति बप्पा की प्रतिमा का विसर्जन भी इसी दिन करने का विधान है।

प्यारे मित्रों आपको बताना चाहूंगा कि आधुनिकता के दौड़ में दुनिया पूरी तरह बदल सी गई है। आजकल बन्दूक के साथ आमने सामने की लड़ाई का समय नही है। समय में बदलाव की बयार है, अब समय है परमाणु हथियार की लड़ाई का।

हनुमान को शिवावतार या रुद्रावतार भी माना जाता है। रुद्र आंधी-तूफान के अधिष्ठाता देवता भी हैं और देवराज इंद्र के साथी भी। विष्णु पुराण के अनुसार रुद्रों का उद्भव ब्रह्माजी की भृकुटी से हुआ था। हनुमानजी वायुदेव और मारुति नामक रुद्र के पुत्र थे।

उन्हें आता देख यमराज ने कहा कि- हे पतिव्रता नारी! पृथ्वी तक ही पत्नी अपने पति का साथ देती है। अब तुम वापस लौट जाओ। उनकी इस बात पर सावित्री ने कहा- जहां

जयपुर :धरती को प्रदूषण मुक्त रखने के उद्देश्य से ही वर्ल्ड अर्थ डे मनाया जाता है। हर साल के 22 अप्रैल के दिन धरती के हरियाली संपन्न करने के लिए सकंल्प लिया जाता है। भले ही इस संकल्प में हर कारगर ना हो, लेकिन हर साल वर्ल्ड अर्थ डे मनाना हम नहीं भूलते हैं। वर्ल्ड …

गुमला: झारखंड की राजधानी रांची से 140 किमी की दूरी और गुमला जिले से करीब 22 किमी की दूरी पर है पवन पुत्र हनुमान की जन्मस्थली। कहा जाता है कि माता अंजनी यहीं निवास करती थीं और उनके नाम पर ही इस गांव का नाम आंजन पड़ा। गांव से 6 किमी दूर 1500 फीट ऊंची …