srinagar

सोमवार से कश्मीर घाटी में स्कूल-कॉलेज और सरकारी ऑफिस खोलने के लिए राज्य सरकार ने घोषणा कर दी है। लेकिन एयरलाइन कंपनियों ने किन कारणों के चलते यह फैसला लिया है, इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है।

आईएएस अधिकारी से नेता बने जम्मू-कश्मीर पीपल्स मूवमेंट के चीफ शाह फैसल को पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में ले लिया। मिली जानकारी के मुताबिक शाह फैसल भारत छोड़कर तुर्की जा रहे थे। हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस ने शाह फैसल को एयरपोर्ट से कश्मीर भेज दिया।

उस दौरान 15 मिनट की कड़ी सुरक्षा के बीच पीएम मोदी ने जोशी व टीम के साथ लाल चौक में तिरंगा फहराया। उस घटना को अब 28 साल पूरे हो चुके हैं और आज मुरली मनोहर जोशी की टीम के सदस्य रहे मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं। जम्मू-कश्मीर में अब राज्यपाल शासन है।

बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई पिछले 24-36 घंटों के दौरान हुई है। जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान की ओर से कश्मीर की शांति भंग करने की लगातार कोशिश हो रही है। पाकिस्तान फायरिंग की आड़ में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों की भारत में घुसपैठ कराने की फिराक में है।

उन्होंने बताया, ‘‘ पुलिस रिकार्ड के अनुसार यावर डार इलाके में अनेक आतंकवादी हमलों की योजना बनाने तथा उन्हें अंजाम देने तथा नागरिकों पर उत्पीड़न की घटनाओं में लिप्त था। वह पिछले वर्ष जैनपोरा पुलिस गार्ड पर आतंकी हमले में भी शामिल था। इस हमले में चार पुलिसकर्मी मारे गए थे।’’

जम्मू जिले में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े एक ट्रक में एक निजी बस ने शनिवार को टक्कर मार दी जिससे छह महिलाओं सहित कम से कम 16 लोग घायल हो गए।

भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन का श्रीनगर एयरबेस से ट्रांसफर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि उनका ट्रांसफर सुरक्षा कारणों की वजह से किया गया है। श्रीनगर से पश्चिमी क्षेत्र में अभिनंदन का ट्रांसफर किया गया है। उन्हें फिलहाल एक पीस स्टेशन भेज दिया गया है।

जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर बाइक से आतंकी हमला करने की खुफिया जानकारी के बाद हाईवे पर रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद सुबह नौ बजे से पहले कॉनवॉय के मूवमेंट पर रोक लगा दी गई है।

पिछले महीने पाकिस्तान द्वारा पकड़े गए और फिर दो दिन बाद भारत को सौंपे गए विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान श्रीनगर में अपने स्क्वाड्रन में वापस चले गए हैं। हालांकि, वह स्वास्थ्य आधार पर चार हफ्ते के अवकाश पर हैं। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

इस अवसर पर उनके साथ पुत्र एवं नेकां नेता उमर अब्दुल्ला और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे। अब्दुल्ला इस सीट से मौजूदा सांसद भी हैं। इस पूर्व मुख्यमंत्री ने बहुत सादे तरीके से अपना नामांकन दाखिल किया और तड़क भड़क से दूरी बनाए रखी।