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सलमान खान के साथ फिल्म वीरगति में दिखी एक्ट्रेस पूजा डडवाल पिछले साल टीबी की बीमारी  से पीड़ित थी। तब अस्पताल के बिस्तर पर पड़ी पूजा की सलमान खान ने आर्थिक मदद की थी।

आज से अब सिख श्रद्धालु करतारपुर जाकर सिखों के इस पवित्र धाम का दर्शन कर पाएंगे। श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना हो चुका है। जिस पवित्र धाम के दर्शन के श्रद्धालु इतने उत्साहित थे। जानते हैं करतारपुर गुरुद्वारा सिखों के लिए क्यों इतना पवित्र है ...

डकैतों का इतिहास बहुत पुराना रहा है । यहां की भौगोलिक स्थिति अपराधियो के लिए काफी अनूकूल है। प्रारम्भ से ही आज भी यह क्षेत्र जंगल एवं पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण डकैतों की शरणस्थली रहा है। दस्यु समस्या होने के कारण यहां का विकास काफी प्रभावित हुआ। बता दें कि बुन्देलखण्ड का चित्रकूट जिला डकैतों के गढ़ के रूप में जाना जाता रहा है।

आपको बता दें कि आज भी लोग बापू का पसंदीदा खादी धोती, चरखा, चश्मा, खड़ाऊ, को अपना रहे हैं, इन सभी चीजों को देखते ही लोगों के जहन में बापू याद आ जाते हैं, उनका चश्मे, खादी धोती आदि का ट्रेंड आज भी बना हुआ है।

खास बात यह है कि वर्तमान समय में मनु गांधी की डायरी 12 खंडों में भारत के अभिलेखागार में संरक्षित हैं, ये सभी गुजराती भाषा में लिखी गई हैं। उन्होंने इस डायरी में गांधी के भाषणों और पत्रों को शामिल किया है, इनमें उनके कुछ अंग्रेज़ी के वर्कबुक भी शामिल हैं। इसका बाद में अंग्रेज़ी में अनुवाद कर प्रकाशित किया गया।

अपने नाम की तरह ही तमाम सुविधाओं के लिहाज़ से भी यह रेलवे स्टेशन सिकंदर की तरह है। भारत के पहले प्लेटिनम स्टैंडर्ड की रेटिंग हासिल कर चुके सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर कई ऐसी सुविधाएं शुरू की गई हैं जो देश में कहीं और नहीं है। अब यहां स्टेशन को प्लास्टिक मूक्‍त करने की भी पूरी तैयारी है।

हमें अपना स्वभाव परिवर्तन कर स्वच्छताको आदत में लाकर इसे नित्य क्रिया में शामिल करना होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छताअभियान के कारण ही घर-घर शौचालय बनाये गये और लोगों को खुले मेंशौच से मुक्ति मिली।

पितृ पक्ष के समय पितरों का तर्पण कर उनके मोक्ष की कामना की जाती है। हिंदू धर्म और पंचांगों में श्राद्ध के लिए बहुत सारे नियम बने हैं। जिनका पालन करना हर एक हिंदू के लिए अनिवार्य है।  श्राद्ध करने से पितरों का आशीर्वाद तो बना रहता है। उनकी आत्मा को भी शांति मिलती है।

भगवान शिव निराकार, निर्विकार ब्रह्म  है वो अमंगल को भी मंगल करते हैं। उनकी शरण में जाने से सारे पाप नष्ट हो जाते है । हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह का प्रदोष , त्रयोदशी व चतुर्दशी तिथि भगवान शिव को समर्पित है। इस दिन उनकी पूजा करने से सारे मनोरथ पूर्ण होते हैं। इस दिन शिव की पूजा सपरिवार करते है।

रक्षा बंधन की परंपरा की शुरुआत बहनों ने शुरू नहीं की थी। रक्षा बंधन सावन पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस महीने रक्षा बंधन 26 अगस्त 2018 को है।  राखी की परम्परा सगी बहनों ने शुरू नहीं की थी। तब किसने शुरू किया राखी का चलन? जानते हैं राखी का इतिहास