supreme court

अब पांच जजों की पीठ आर्टिकल 370 और आर्टिकल 35 ए के प्रावधानों को हटाने के खिलाफ दायर याचिका पर 14 नवंबर को सुनवाई करेगी। इस पीठ में जस्टिस एन वी रमणा, जस्टिस एस के कौल, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी,

अयोध्या मामले पर फैसला आए दो दिन हो गए है। अब सब इस तथ्य को जानना चाहते हैं कि आखिर इतना बड़ा फैसला कैसे लिया गया। क्या आधार रहा है राम मंदिर पर न्याय देने का। तो जहां तक मिली जानकारी के आधार पर कहा जा रहा है

फैसला आने के एक दिन बाद रामलला के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास के घर की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है। जानकारी के अनुसार सिर्फ महंत सत्येंद्र दास ही नहीं बल्कि अयोध्या में अन्य प्रमुख संतों की सुरक्षा में बढ़ाई गई है।

सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या पर फैसला देकर इस मामले को पूरी तरह शांत कर दिया है।  इससे राम मंदिर बनने का रास्ता साफ हो गया है। बहुत तथ्यों को साक्ष्य मानकर कोर्ट ने इस पर फैसला दिया है। जिसमें धार्मिक ग्रंथ भी आधार है चाहे वो देशी हो या विदेशी लेखकों के।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मंदिर निर्माण के साथ ही अयोध्या देश ही नहीं, बल्कि विश्व के लोगों को एक नए रूप में आकर्षित करेगा।

6 दिसम्बर 1992 केा अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढांचा गिराये जाने के मामले में लखनऊ की एक विशेष अदालत में चल रहे आपराधिक केस में अप्रैल 2020 तक फैसला आ सकता है।

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के दिल्ली स्थित आवास पर बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में योग गरु बाबा रामदेव, हिन्दू धर्म आचार्य सभा के संयोजक स्वामी परमात्मानंद सहित कई नेता पहुंचे हैं।

राम मंदिर पर फैसला आ चुका है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सभी धर्मों के लोगों ने आगे आकर कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। अयोध्या में भी हिन्दू और मुस्लिम दोनों ही राम मंदिर पर फैसला आने के बाद से खुश है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में ये भी कहा है कि केंद्र सरकार तीन महीने में स्कीम लाए और ट्रस्ट बनाए। यह ट्रस्ट राम मंदिर का निर्माण करेगा।