Swami chinmayanand case

स्वामी चिन्मयानन्द को ब्लैकमेल करने की आरोपी रेप पीड़िता विधि छात्रा की जमानत अर्जी की सुनवाई आज नहीं हो सकी। कोर्ट के सुनवाई के क्षेत्राधिकार को लेकर आज सवाल उठे जिस पर कोर्ट ने अर्जी सक्षम कोर्ट में 2 दिसम्बर को पेश करने का आदेश दिया है।

सांसद पटेल की तरफ से याचिका की ग्राह्यता पर आपत्ति की गई जिसे कोर्ट ने यह कहते हुए निरस्त कर दिया है कि याचिका काल बाधित नहीं है। पटेल की तरफ से अधिवक्ता के आर. सिंह का कहना था कि याचिका दाखिल करने की अंतिम तिथि 7 जुलाई 2019 थी।

यह आदेश न्यायमूर्ति मंजूरानी चौहान ने दिया है। रेप पीड़िता एलएलएम छात्रा की ओर से दाखिल अर्जी में कहा गया था कि उसकी जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने 29 नवंबर की तारीख लगाई है लेकिन उसपर 22 नवंबर को सुनवाई कर ली जाए।

पीड़िता ने लगातार वर्षो तक दुराचार करने का स्वामी पर आरोप लगाया है। फ़िलहाल स्वामी की निचली अदालत में जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है। अब हाई कोर्ट में अर्जी दी गई है। 

प्रयागराज। इलाहाबद उच्च न्यायालय ने पूर्व गृह राज्य मंत्री चिन्मयानन्द पर विधि छात्रा से दुष्कर्म के आरोपों की जांच कर रही एसआईटी की विवेचना पर संतोष जताया है। कोर्ट ने कहा कि जांच सही दिशा में बढ़ रही है। कोर्ट ने पीडि़त छात्रा की ओर से चिन्मयानंद से 5 करोड़ की रंगदारी मांगने के मुकदमे में उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश देने से इंकार कर दिया है साथ ही 164 सीआरपीसी के तहत न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज बयान फिर से कराने या उसमें संशोधन के अनुमति देने से भी इंकार कर दिया है।

बताते चलें कि एसआईटी ने चिन्मयानंद को 20 सितंबर को उनके मुमुक्ष आश्रम से गिरफ्तार किया था। अदालत ने चिन्मयानंद को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है।

पीड़ित छात्रा के पिता ने तो शारीरिक शोषण तक का आरोप लगाया है।  इस घटना को लेकर वे कोई भी सफाई देने के बजाए आरोपों का जवाब पुलिस और न्यायालय के सामने देने की बात कह रहे है।