Tablighi Jamaat

कोरोना वायरस के डर के चलते मरकज के पास मौजूद निजामुद्दीन थाने में तैनात करीब दर्जनभर पुलिस कर्मियों ने अपने सिर मुंडवा लिए हैं।

खबर है कि मरकज के 8 संदिग्ध मलेशिया भागने की फिराक में थे, जिन्हें दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रोक लिया गया। सभी लोग स्पेशल फ्लाइट से मलेशिया जाने की फिराक में थे।

5 अप्रैल यानी आज मौलाना साद की बेटी का निकाह है, जिस पर पुलिस अपनी नजर बनाए हुए है। सभी की नजरें इस बात पर है कि क्या मौलाना साद अपनी बेटी के निकाह में शामिल होते हैं या नहीं।

राजस्थान के भरतपुर जनाना अस्पताल में डिलीवरी कराने पहुंची गर्भवती महिला को अस्पताल में अंदर नहीं घुसने देने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बताया जा रहा है कि अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची महिला को कहा गया, ‘तुम मुस्लिम हो इसलिए जयपुर जाओ’।

मौलाना साद ने क्राइम ब्रांच के नोटिस का जवाब दिया है। मामले के आरोपी और जमात के मुखिया मौलाना साद का कहना है कि वो सेल्फ क्वारनटीन में हैं।

खबर है कि बिहार मदरसा बोर्ड के चेयरमैन कय्यूम अंसारी भी जमात में शामिल होने गए थे। वो मरकज गए थे और जमात में नमाज भी पढ़ी थी।

अगर तबलीगी जमात आपराधिक लापरवाही नहीं करती तो हम लोग अब तक यह सोचना शुरु कर देते कि इस तालाबंदी से कैसे छुटकारा पाया जाए! किन-किन मामलों में कितनी-कितनी ढील दी जाए।

दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज से निकल कर पूरे भारत में अलग अलग जगह पहुंचे तबलिगी जमात के लोगों की लगातार तलाश हो रही है। ज्यादातर की जांच के परिणाम में ये लोग कोरोना से संक्रमित पाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के बागपति जिले में मिला एक जमाती कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद हड़कंप मच गया।

दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज केस के बाद देश भर में कोरोना के मरीजों का आंकड़ा बढ़ता चल जा रहा है, जिसे लेकर कई नेताओं समेत सोशल मीडिया पर तब्लीग़ी जमात की जमकर निंदा हो रही है। बाक़ी कि कसर आइसोलेशन में जमातियों द्वारा हॉस्पिटल में बिना कपड़ो घूमने, डॉक्टरों पर थूकने जैसे मामलों से पूरी हो रही है।

दिल्ली नरेला में जलसे में शामिल जमातियों के लिए बने आसोलेशन कैंप में अब मदद के लिए भारतीय सेना की एक मेडिकल टीम भी पहुंच चुकी है।