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चीन लम्बे समय से ताइवान को अपना क्षेत्र बताता है। जबकि असल में ताइवान के स्वायत्ततशासी देश है। अमेरिका और ताइवान के बीच नजदीकियां बढ़ने से चीन परेशान है।

अमेरिका अब चीन का दुश्मन बनता जा रहा है। ऐसे में सोमवार को चीनी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका को आगाह किया है कि अमेरिका को ताइवान में दखलअंदाजी बंद करना चाहिए।

जर्मनी की महिला सांसद डेनिएला क्लर्कर्ट (Daniela Kluckert) ने हांगकांग, तिब्बत और ताइवान में एक लाल रंग की टीशर्ट पहन कर तस्वीर फेसबुक पर पोस्ट की।

चीन अपने सैनिकों को इंसान से ज्यादा शक्तिशाली और ताकतवर बनाने की होड़ में लगा हुआ है। ऐसे में अपनी इस कोशिश को अंजाम देने के लिए चीनी सेना ने इंसानों पर इसका परीक्षण भी शुरू कर दिया है।

अगर आप भी वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं तो आपके लिए ये लैपटॉप बेस्ट है। 10 नवंबर को ताइवान की पॉप्युलर कंपनी आसुस ने भारत में 4  लैपटॉप लॉन्च किए।

चीन बरसों से ताइवान को अपना मानता आ रहा है और इस पर कब्जे के लिए कई बार धमकी भी दे चुका है। 1949 में गृहयुद्ध के दौरान ताइवान चीन से अलग हो गया था।

अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव चल रहे हैं। जिसमें डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडेन आमने सामने खड़े है। इसी बीच चीन ने अमेरिका को चेतावनी दे दी है।

जहां एक ओर पूरी दुनिया कोरोना वायरस से जूझ रही है तो वहीं ताइवान ने महामारी पर पूरी तरह काबू पा लिया है। जिसे दुनिया को हैरत में डाल दिया है। 

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस बिक्री से क्षेत्र में सैन्य संतुलन नहीं खराब होगा। अमेरिका की हार्पून मिसाइल बेहद खतरनाक मानी जाती हैं। जमीनी लक्ष्यों तथा युद्धपोतों को तबाह कर सकती हैं।

अमेरिका ने हाल ही में ताइवान को जंगी साजोसामान बेचा है, जिसके बाद चीन की बौखलाहट बढ़ गई है। चीन ने अब अमेरिका की तीन बड़ी हथियार निर्माता कंपनियों पर बैन लगा दिया है।