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टीबी मुक्त भारत बनाने के लिए सरकारी के साथ प्राइवेट चिकित्सकों की भी मदद ली जा रही है। इसके अलावा क्षय रोगियों को जागरुक करने के लिए टीबी चैंपियन, ट्रीटमेंट सप्पोर्टर के साथ कई सामाजिक संस्थाएं भी काम कर रही है।

छत्तीसगढ़ के लोगों पर इन दिनों अंधविश्वास हावी है। जिसकी वजह से कई लोगों को अपनी जिंदगियां भी गंवानी पड़ रही है। हाल ही में एक अंधविश्वास का मामला आया है बस्तर संभाग के कोंडागांव जिले से। यहां एक 14 साल की लड़की टीबी से जंग लड़ते-लड़ते जिंदगी से हार गई।

जनपद के क्षयरोग ग्रसित रोगियों को गोद लेने हेतु रेडक्रास एवं आकांक्षा समिति के सौजन्य से एक बैठक आकांक्ष समिति की अध्यक्ष डा अंकिता राज की अध्यक्षता में  कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में सम्पन्न हुई।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ बीएल संजय ने बताया कि एमडीआर टीबी से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए सरकार द्वारा दवा मुफ्त में दी जाती है।

हैदराबाद के इंडियन इंस्टीटूट्स ऑफ पब्लिक हेल्थ के प्रोफेसर वी रमन्ना धारा ने ने बताया कि लॉकडाउन के कारण अभी तक जितने  लोगों की जान बची हैं उतने ही लोगों की मौत टीबी कुपोषण और हैजा जैसी इन बीमारियों की वजह से हो सकती है।

नैनो कैप्सूल ने चिकित्सा के क्षेत्र में काफी तेजी से पैर बढ़ाने शुरू कर दिये हैं। इसके चलते जहां मर्ज होगा, वहीं नैनो कैप्सूल मार करेगा। नैनो कैप्सूल को...

अगर आपकों या आपके किसी करीबी को चिकित्सक ने रीढ़ की हड्डी की टीबी डायग्नोज किया है और आप इस बीमारी का इलाज शुरू करने जा रहे है तो इलाज शुरू करने से पहले रीढ़ की हड्डी की बायप्सी जरूर करा ले और स्पाइन टीबी होने की पुष्टि कर ले।

प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज उत्तर प्रदेश क्षय निवारक संस्था एवं रेडक्रास सोसायटी के सदस्यों से राजभवन में भेंट की। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2025 तक टी0बी0 मुक्त भारत का लक्ष्य रखा है।

टी.बी. एक संक्रामक रोग है। इसका उपचार शुरूआत में ही नहीं किया गया तो ये जानलेवा भी हो सकता है। यह एक ऐसा रोग हैं जो व्यक्ति को धीरे-धीरे मारता है। टी.बी. रोग को तपेदिक, क्षय रोग तथा यक्ष्मा के नाम से भी जाना जाता है । दुनिया में छह-सात करोड़ लोग इस बीमारी से ग्रस्त हैं और प्रत्येक वर्ष 25 से 30 लाख लोगों की इससे मौत हो जाती है। देश में हर तीन मनट में दो मरीज क्षयरोग के कारण दम तोड़ दे‍ते हैं। हर दिन चालीस हजार लोगों को इसका संक्रमण हो जाता है।

लखनऊ : दुनिया में वायु प्रदूषण से समय पूर्व 28 प्रतिशत मौतें देश में होती हैं। ये मौतें एचआइवी, टीबी और मलेरिया से होनेवाली कुल मौतों से तीन गुना ज्यादा है। वैसे वायु प्रदूषण से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और होनेवाली मौतों के बारे में लोगों को कुछ हद तक जानकारी है, लेकिन सरकार के …