Telecom companies

ट्राई की नयी रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश पूर्व में पिछले पांच महीनों से प्राइवेट टेलीकॉम ऑपरेटर जियो लगातार सबसे अधिक उपभोक्ताों को जोड़ने...

TRAI ने इन कंपनियों से ये भी जानकारी मांगी है कि नैशनल लॉक डाउन के दौरान कस्टमर्स को बिना किसी रूकावट के सर्विस जारी रखने के लिए कंपनियों ने कौन कौन से कदम उठाए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को साफ तौर पर कहा कि टेलीकॉम कंपनियों को बकाया एजीआर (AGR) का भुगतान करना होगा और अब इस मुद्दे पर किसी भी तरह की आपत्ति पर किसी तरह की सुनवाई नहीं की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बिना टेलीकॉम कंपनियों द्वारा बकाया राशि के खुद से किए गए आकलन को लेकर भी सॉलिसिटर जनरल से सवाल किए।

एयरटेल ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा कि उसने एजीआर बकाये के मद में 10,000 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं। इससे पहले भारती एयरटेल ने शुक्रवार को 10,000 करोड़ रुपये का बकाया 20 फरवरी तक देने की पेशकश की थी।

भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और टाटा टेलीसर्विसेज जैसी दूरसंचार कंपनियां सोमवार को सरकार को 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) बकाया चुका सकती हैं।आध‍िकारिक सूत्रों ने ऐसा दावा किया है। इस बीच, एयरटेल ने सोमवार को कहा कि उसने इस मद में 10,000 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं।

उपभोक्ताओं को टेलीकॉम कंपनियां बढ़ा झटका देने वाली है। एयरटेल-वोडाफोन समेत तमाम कम्पनियां अपनी अपनी कॉल दरें और इंटरनेट पैक का रेट बढ़ा सकती हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलिकॉम कंपनियों से कहा कि वह आज रात 11.59 तक एजीआर (अजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू) बकाया का भुगतान करे।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को AGR मामले की सुनवाई के दौरान भुगतान ना किए जाने और अदालत के फैसले का उल्लंघन करने पर नाराजगी जाहिर की।

टेलीकॉम कंपनियां वोडाफोन, आइडिया, टाटा टेलीसर्विसेज और भारती एयरटेल ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दूरसंचार विभाग के साथ राशि भुगतान पर बातचीत करने की अनुमति देने के लिए अपने पहले के आदेश में संशोधन की मांग की है।

टेलीकॉम कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है।एजीआर ( AGR) के मुद्दे पर टेलीकॉम कंपनियों की पुनर्विचार याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। कंपनियों को अब केंद्र सरकार को 92 हजार करोड़ रुपये चुकाने होंगे। कोर्ट के फैसले के मुताबिक 23 जनवरी तक टेलीकॉम कंपनियों को बकाया चुकाना है।