terror attack

गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी पर आतंकियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे सैन्य शिविरों को दहलाने की साजिश रची है। सुरक्षा एजेंसियों को जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों की बातचीत का एक ऑडियो हाथ लगा है।

अमेरिका पर 11 सितंबर 2001 में अलकायदा के आतंकवादियों ने आत्मघाती हमला किया था। इसमें लगभग 3000 लोग मारे गए और 8900 लोग घायल हुए थे। यह विश्व इतिहास का सबसे बड़ा और भयंकर आतंकवादी हमला माना जाता है।

गौरतलब है कि बुर्किना फासो के पड़ोसी देश माली और नाइजर हैं जहां अक्सर आतंकी हमले होते रहते हैं। इस पूरे इलाके में 2015 के आसपास आतंकी घटनाओं में इजाफा देखा गया।

बता दें कि पिछले कई महीनों से आतंकियों पर सेना की ताबड़तोड़ कार्रवाई से आतंकी संगठन बौखालए हुए हैं। लगातार सेना को निशाना बनाने और घाटी का माहौल खराब करने की फिराक में जुटे हैं।

पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम बनाने के लिए सभी एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है। जम्मू कश्मीर में आतंकियों के समर्थकों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। नियंत्रण रेखा व अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है। पाकिस्तान द्वारा की गई किसी भी नापाक गतिविधि का भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार है।

खबरों के मुताबिक इस हमले में करीब 25 लोगों की मौत हो गई जबकि सेना द्वारा किए गए जवाबी मुठभेड़ में 63 आतंकियों के मारे जाने की भी खबर है। नाइजर रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सुलेमानी गाजोबी ने इस बात की जानकारी दी।

यूपी में आतंकी संकट के बादल दिखाई दे रहे हैं। भारत नेपाल-सीमा से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां आतंकियों की घुसपैठ की सूचना से सीमा पर चौकशी बढ़ा दी गई एसएसबी और पुलिस के जवान नेपाल सीमा से आने जाने वाले सभी लोगों को गहनता से जांच कर रही है। साथ ही साथ रेलवे स्टेशन व बस अड्डों पर भी जांच हो रही है।

विश्व नये साल का जश्न मना रहा है, वहीं आतंकी अपनी नापाक साजिशों (Terror Attack) में लगे हुए हैं। जानकारी के मुताबिक़,बुधवार को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हो गयी, जिसमें सेना के दो जवान शहीद हो गये। फिलहाल आतंकियों की तलाश जारी है, अब तक हमला करने वाले किसी आंतकी तक सेना नहीं पहुंच सकी है।

खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में पाकिस्तान में खालिस्तान समर्थक आतंकियों की एक बड़ी बैठक हुई है। इस बैठक में बब्बर खालसा, खालिस्तान ज़िंदाबाद फोर्स के अलावा आईएसआई के अधिकारी भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि इस बैठक का एजेंडा भारत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ाना था।

राष्ट्रपति रोच मार्क क्रिश्चियन काबोर ने इस हमले पर कहा कि 'हमारे सैनिकों की वीरतापूर्ण कार्रवाई की और 80 आतंकवादियों मार गिराया। इस बर्बर हमले में 35 नागरिकों की मौत हुई, जिनमें से अधिकांश महिलाएं थीं।