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भारतीय जनता पार्टी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 के लिए अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। भाजपा ने इसे संकल्प पत्र नाम दिया है। इस घोषणा पत्र में किसानों की इनकम दोगुनी करने से लेकर लाखों युवाओं को कौशल सीखाने तक के कई महत्वपूर्ण वादे किए हैं। 

फूलन की मौत के बाद से उसे वोट पाने का जरिया बना दिया गया। अब हर साल 25 जुलाई को बड़े आयोजन होते हैं। नेता बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। लेकिन कोई उस समाज को नहीं बदलना चाहता जो एक बच्ची को फूलन बनाने में कोई कोताही नहीं बरतता।

टीएमसी में ऐसा कोई विधायक नहीं है जो इतनी राशि का हकदार है। जनता को ये भी नहीं पता कि उनका विधायक कौन है? टीएमसी के विधायकों की कोई लोकप्रिता नहीं है।

गंगा-जमुनी तहजीब का संगम है अयोध्या, हिंदुओं के लिए रामलला तो मुस्लिमों के पैगंबरों, बौद्धों के धर्मगुरुओं और जैनियों के तीर्थकरों की कर्मभूमि भी यही है। अयोध्या को अपनों ने ही ऐसे घाव दिए जो नासूर बन गए और दर्द आज भी कायम हैं। ऐसा पहली बार नहीं हुआ था की देश में साम्प्रदायिक दंगे हुए। आजादी मिली तो दंगे, आजाद हुए तो दंगे।

समाजवादी पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने चन्द्रशेखर के निधन के बाद उनके परिवार की परम्परागत सीट बलिया से टिकट देकर उनको राजनीतिक संरक्षण देने का काम किया।

विगत कुछ दशकों में लिंचिंग की घटनाओं का भारत स्वयं भुक्तभोगी बन गया है। लिंचिंग की घटनाएं आज देश में बेरोक-टोक जारी हैं। इस तरह के अपराधियों के खिलाफ सरकार के पास अलग से कोई कानून नहीं है।

हेडलाइन पढ़ कर खोपड़ी खुजाने लगे न, चलो कोई नहीं हम बता देते हैं आखिर वो चीज है क्या, जिसके प्यार के आगे सबका प्यार हार जाता है। तो मेहरबान, कदरदान, थूंक के पान, कर के साफ़ कान। पढ़िए, पढ़िए, पढ़िए...

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने समाजवादी पार्टी (सपा) से गठबंधन तोड़ने के बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती पर पहली बार निशाना साधा। चंद्रशेखर ने मायावती पर उनके मार्गदर्शक और पार्टी के संस्थापक कांशीराम द्वारा शुरू किए गए सामाजिक न्याय आंदोलन को कमजोर करने के प्रयास का आरोप लगाया।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल को मुस्लिम देश इराक में दो हजार ईसा पूर्व के भित्तिचित्र मिले हैं। इस बारे में अयोध्या शोध संस्थान ने दावा किया है कि यह भगवान राम की एक छवि है। यह भित्तिचित्र दरबंद-ई-बेलुला चट्टान में बना मिला है।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस को झटका देते हुए मंगलवार को याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता गुजरात प्रदेश कांग्रेस के वकील विवेक तंखा से कहा कि निर्वाचन आयोग के सामने याचिका लगाएं।