traffic police

महानगर में जनमानस को जल्द मिलेगी अत्याधुनिक सुविधाएं। नहीं तोड़ सकेंगे ट्रैफिक नियमों को हर चौराहे पर लगेगी ट्रैफिक लाइट के साथ कैमरे।

ट्रैफिक पुलिस में तैनात सिपाही उपेंद्र तोमर ने अपने ही घर में फांसी लगा अपनी जीवन लीला को समाप्त कर ली। पूरा मामला थाना सदर बाजार क्षेत्र के दयाल कॉलोनी का है।

लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर स्कूटी सवार युवक और युवती का हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, पुलिस के द्वारा की जा रही चेकिंग में गाड़ी का कागज मांगने पर स्कूटी सवार युवक युवती महिला इंस्पेक्टर, सिपाही और ट्रैफिक पुलिस से की अभद्रता भी किया, युवक युवती द्वारा ट्रेफिक नियम तोड़ने और गाड़ी का कोई कागज ना दिखने पर गाड़ी को पुलिस ने सीज कर दिया

इस तस्वीर में कुत्ता हेलमेट लगाए पीछे गाड़ी में बैठा नजर आ रहा है। ये तस्वीर दिल्ली की है। यहां इतना भारी-भरकम जुर्माना वसूला जाता है कि कुत्ते भी इसकी वजह से खौफ में हैं। इसलिए अब कुत्ते भी बाइक पर बैठते समय हेलमेट पहनकर बैठ रहे हैं।

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों और सभी राज्यों की पुलिस को एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें अगर कोई चालक अपनी गाड़ी के सभी पेपर्स (आरसी, ड्राइविंग लाइसेंस, इन्श्योरेंस, पीयूसी) मोबाइल फोन में डिजिलॉकर या एम परिवहन ऐप पर दिखाता है तो उसे उसे वैध माना जाए।

लखनऊ: शहर में यातायात नियमों और मोटर वाहन अधिनियम के बारे में लोगों को महिला सेना की सदस्यों ने जागरूक करने का काम किया ।

दिल्ली पुलिस ने मोबाइल पर बात करते हुए जा रही स्कूटर सवार एक युवती को चालान काटने के लिए रोका, तो वह पुलिसवालों से उलझ पड़ी। स्कूटर की नंबर प्लेट भी टूटी हुई थी और उसके हेलमेट का स्ट्रिप भी खुला हुआ था।

दरअसल, देश के कई राज्यों सहित उत्तर प्रदेश में भी पिछले 1 सितंबर से यातायात के नए नियम लागू कर दिए गए हैं। यातायात के नए नियमानुराार जुर्माने की धनराशि को पहले की अपेक्षा कई गुना बढ़ा दिया गया है।

एआरटीओ प्रशासन संजय तिवारी ने गुरूवार को बताया कि नए मोटर वाहन कानून के लागू होने के बाद से लखनऊ में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन कई गुना बढ़ गए हैं। इसलिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए दो महीने तक के सभी टाइम स्लॉट बुक हो गए हैं।

दरअसल, दुनिया में कई ऐसे देश हैं, जिनका ट्रैफिक चालान का जुर्माना भारत से कई गुना ज्यादा है। साथ ही बता दें कि आर्थिक रूप से कुछ देश भारत से बहुत छोटे और पिछड़े भी हैं, लेकिन सख्त यातायात नियमों के मामले में हमारे देश से कहीं ज्यादा आगे हैं।