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देश में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। अब इस बीच भारतीय रेलवे ने गुरुवार को फैसला लिया है कि 12 अगस्त तक मेल, एक्सप्रेस, पैसेंजर ट्रेन, लोकल ट्रेन और EMU ट्रेनें नहीं चलेंगी।

कोरोना संकट में भी भारतीय रेलवे लोगों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनें चला रहा है। इसके साथ ही रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन भी कर रहा है। अब इस बीच रेलवे ने ट्रेनों में खाली सीटों की लिस्ट जारी की है।

तमाम पहलूओँ पर गौर करने से ये तय हो जाता है कि कई दर्जन ट्रेनों के रास्ते से भटकने की गुंजाईश नहीं हो सकती है। हां रूट तय करने के फैसले को लेकर सवाल उठ सकते हैं, कम समय- कम लागत वाला रूट क्यों नहीं निर्धारित किया गया इसे लेकर भी सवाल पूछे जा सकते हैं।

वैश्विक कोरोना वायरस महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए बीते 24 मार्च से लॉकडाउन का ऐलान केंद्र सरकार द्वारा किया गया था। ऐसे में अब चौथे चरण का लॉकडाउन चल रहा है।

अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि गोरखपुर में अब तक 153 ट्रेन से 1,86,741 कामगार एवं श्रमिक आये हैं। लखनऊ में 66 ट्रेन के माध्यम से 84,299 लोग आए हैं।

एक जून से चलने वाली नॉन एसी मेल व सुपरफास्ट ट्रेनों की बुकिंग बृहस्पतिवार की सुबह दस बजे से ऑनलाइन शुरू हो गई। यात्री इन ट्रेनों में 30 दिन पहले तक का ऑनलाइन टिकट बुक करा सकते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि श्रमिकों की सम्मानजनक व सुरक्षित वापसी के लिए केन्द्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार ने निःशुल्क ट्रेन तथा बस की व्यवस्था की है।

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश की सीमा में प्रवेश करते ही प्रवासी कामगारों एवं श्रमिकों को भोजन व पानी उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद उनकी स्क्रीनिंग करते हुए उन्हें सुरक्षित व सम्मानजनक ढंग से उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाए।

श्रमिक स्पेशल और राजधानी स्पेशल चलाने के बाद अब भारतीय रेलवे देशभर में मेल, एक्सप्रेस, और स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी में है। रेल मंत्रालय ने इसको को लेकर बुधवार को बकायदा एक सर्कुलर भी जारी किया है।

12 मई से यात्रियों के लिए ट्रेने चलाई जायेगी। हालाँकि शुरुआत में आंशिक रेल सेवा यानी कम संख्या में ट्रेनें चलाई जाएंगी।