triple talaq

इस्लामिक स्कालर मुशर्रफ अहमद ने तलाक और इस्लाम विषय पर बड़ी रिसर्च की है। उनके मुताबिक जब किसी पति-पत्नी का झगड़ा बढ़ता दिखाई दे, तो अल्लाह ने कुरान में उनके करीबी रिश्तेदारों और उनका भला चाहने वालों को यह हिदायतें दी है, कि वो आगे बढ़ें और मामले को सुधारने की कोशिश करें।

उच्चतम न्यायालय ने एक बार में तीन तलाक (तलाक ए बिद्दत) के चलन को दंडनीय अपराध बनाने वाले अध्यादेश की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका सोमवार को खारिज कर दी। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने केरल के एक संगठन की याचिका खारिज करते हुए कहा कि वह हस्तक्षेप नहीं करना चाहेंगे।

तीन तलाक को लेकर कड़ा कानून बनने के बाद भी ऐसे मामलों में कमी नहीं आ रही है। ऐसा ही एक मामला हरदोई के मल्लावां कोतवाली क्षेत्र में सामने आया है। यहां एक महिला के परिजन जब ससुरालियों द्वारा दहेज में मांगी गई बाइक नहीं दे सके तो उसके पति ने मारापीटा और घर से निकालकर तलाक दे दिया।

तीन तलाक विल लोकसभा में पास हो गया और संभावना है कि राज्यसभा में सोमवार को पेश किया जा सकता है।तीन तलाक ​को लेकर देश भर में पक्ष -विपक्ष में स्वर उभर रहे है। विपक्ष इसे सिलेक्ट कमिटी के पास भेजने पर अड़ा है।

लोकसभा में पास हुए तीन तलाक बिल की राह राज्यसभा की आसान नहीं दिख रही है। लोकसभा में बिल गुरुवार को पास भी हो गया।केंद्र सरकार आशान्वित है कि मुस्लिम समुदाय में तीन तलाक को अपराध घोषित करने के लिए लोकसभा में पारित विधेयक को राज्यसभा में भी जरूरी समर्थन मिल जाएगा।

 लोकसभा में गुरुवार  को विपक्ष के दो बार हंगामे के बाद सदन में दोपहर दो बजे के बाद दोबारा कार्यवाही शुरू हो गई है। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बहुचर्चित तीन तलाक बिल चर्चा के लिए पेश किया है।

देश में तीन तलाक को गैरकानूनी मानते हुए कोर्ट पहले ही अवैध करार दे चुकी है। इसके बाद भी तीन तलाक के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे है। ताजा  मामला बरेली के कोतवाली क्षेत्र का है। जहां पत्नी द्वारा वैश्यावृति करने से मना करने पर पति ने पत्नी को तीन तलाक देकर घर से बाहर निकाल दिया।

शाहजहांपुर: तीन तलाक पर सख्त कानून बन जाने के बाद भी तीन तलाक के मामले रूकने का नाम नही ले रहे हैं। ताजा मामला यूपी के शाहजहांपुर का है। यहां पहले से शादी शुदा शख्स ने दूसरी शादी कर ली। दो बच्चे होने के बाद जब पहली शादी का खुलासा हुआ उसके बाद आयदिन पति …

भारत की सर्वोच्च न्यायायिक संस्था सुप्रीम कोर्ट की वृहद संवैधानिक पीठ के द्वारा उभयपक्षीय गहन सुनवाई के उपरान्त विगत वर्ष गैरकानूनी घोषित किये जा चुके एक साथ तीन तलाक को दण्डनीय अपराध बनाने के लिए अन्ततः केन्द्र सरकार ने अध्यादेश को मंजूरी देकर मुस्लिम महिलाओं के सामाजिक सरोकार को संरक्षण प्रदान करने का दो-टूक फैसला …