tulsi

: कहते हैं जिस घर में तुलसी होती है उस घर में सुख-समृद्धि की कमी नहीं रहती है।ईश्वर की कृपा सदैव बनी रहती है। घर के आंगन में पूजनीय स्थान दिया जाता है। भगवान के भोग 56 भोग भी तुलसी के बिना अधूरा होता है। कार्तिक मास में तो तुलसी का महत्व और बढ़ जाता है।

अगर आप सर्दी या हलके बुखार से परेशान हैं तो मिश्री, काली मिर्च और तुलसी के पत्ते को पानी में अच्छी तरह से पकाकर इसका काढ़ा पिएं। यह काढ़ा पीने से आपको आराम मिलेगा।

जयपुर: शिव को अक्षत चढ़ाने के कई लाभ हैं। अक्षत यानि अरवा चावल को शास्त्रों में सबसे पवित्र अनाज माना गया है। पूजा-पाठ में यदि किसी सामग्री की कमी रह जाती है तो चावल चढ़ाकर उसकी पूर्ति की जाती है। कुछ पूजन सामग्री ऐसी हैं जो किसी खास देवता को नहीं चढ़ाई जाती है। शास्त्रीय …

लखनऊ : हिन्दू धर्म में तुलसी के पौधे का विशेष महत्त्व है। इसकी नियमपूर्वक पूजा करने से सभी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है वहीं तुलसी पत्तों का उपयोग अनेकों औषधियों में किया जाता है। धर्म ग्रंथों में तुलसी के अनेकों ऐसे उपाय बताएं गए है जिनको करने से सभी बाधाएं दूर होती है और …

मुंबई: तुलसी को हिन्दू धर्म में पूजनीय माना जाता है। तुलसी की पूजा सभी हिन्दू घरों में की जाती है। शास्त्रों में तुलसी को लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। शास्त्रों में अक्षरशः ऐसा विवरण मिलता है घर में कोई संकट आने वाला होता है तो सबसे पहले उस घर की लक्ष्मी यानी तुलसी मुरझाने …

जयपुर:कभी-कभी जीवन में हर सुख सुविधाओं के होने के बाद भी घर में अशांति बनी रहती है, हमेशा कलह का माहौल रहता है। अगर आप अपने घर की कलह को दूर करके  परिवार में सुख व शांति लाना चाहते है तो इसके लिए कुछ तरीका है, इन तरीकों को करने से घर की कलह दूर हो जाएगी व हमेशा सुख शांति बनी रहेगी। यह …

जयपुर: ठंड के मौसम में चाय पीने की लत बढ़ जाती है। साधारणतया लोग सुबह की शुरूआत एक गर्मा-गर्म चाय के प्याले के साथ ही करते हैं। जिससे हमारे शरीर में एक नई जान और स्फूर्ति आ जाती है। वैसे तो अब चाय हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा है। पर क्या जानते हैं कि इसका …

नई दिल्ली: तुलसी श्वास की बीमारी, मुंह के रोगों, बुखार, दमा, फेफड़ों की बीमारी, हृदय रोग तथा तनाव से छुटकारा दिलाती है। इसके साथ ही प्रजनन संबंधी रोग में भी यह काफी गुणकारी है। यह नपुंसकता, स्तंभन एवं प्रसवोत्तर शूल में यह काफी लाभकारी है। पंतजलि आयुर्वेद के आचार्य बालकृष्ण के अनुसार, तुलसी कई रोगों …

दिल्ली व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण के उच्च स्तर पर पहुंचने के साथ बुधवार को चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परामर्श जारी किए।

जयपुर:कार्तिक कृष्ण पक्ष की एकादशी को रमा एकादशी कहते हैं। हर साल दीपावली से चार दिन पहले इस एकादशी पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की आराधना की जाती है। इस एकादशी का नाम माता लक्ष्मी के नाम पर होने के कारण इसे रमा एकादशी कहा जाता है। चतुर्मास की अंतिम एकादशी होने के कारण …