uddhav thackeray

बीते कुछ दिनों से बॉलीवुड इंडस्ट्री से लेकर राजनैतिक गलियारों में कंगना बनाम महाराष्ट्र सरकार का शोर सुनाई दे रहा है। फिल्म एक्ट्रेस कंगना रनौत और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बीच तनातनी जारी है।

इसी कड़ी में कंगना ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे को निशाने पर लिया। कंगना ने एक ट्वीट के जरिये लिखा, 'महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की बेसिक समस्या ये है कि मैंने मूवी माफिया, सुशांत सिंह राजपूत के हत्यारों और उनके ड्रग रैकेट को आखिर क्यों एक्सपोज किया।'

अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्होंने कहा कि मेरे साथ बहुत बुरा हुआ। मैं एक वरिष्ठ नागरिक हूं। शिवसैनिक मुझे बात करने के लिए बुलाए थे, लेकिन बिना बातचीत किए ही उन्होंने मुझे पीटना शुरू कर दिया।

पुलिस ने 6 शिवसेना कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। मुख्यमंत्री ठाकरे का एक कार्टून फॉरवर्ड करने पर नेवी के पूर्व अधिकारी पर शिवसैनिकों ने हमला कर दिया था।

कंगना रनौत को उद्धव ठाकरे से पंगा लेना काफी महंगा पड़ता दिखाई दे रहा है। कंगना के खिलाफ विक्रोली पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि एक्ट्रेस ने मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया है।

भारत में कोरोना के केस तेजी के साथ बढ़ते ही जा रहे हैं। रोज बड़ी संख्या में नये केस मिलने के साथ ही मौत का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता ही जा रहा है। सरकारी से लेकर निजी अस्पताल तक मरीजों से भरे पड़े हैं।

भाजपा तो खुलकर कंगना के समर्थन में आ चुकी है। महाराष्ट्र के राज्यपाल का कंगना पर हुई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगना। केंद्र सरकार का कंगना को वाई प्लस सिक्योरिटी देना। इसके बाद राजनीतिक हल्कों में ये चर्चाएं तेज हो गई हैं कि कंगना जल्द ही भाजपा में जा सकती हैं।पार्टी इनके जरिये एक तीर से कई निशाने साध सकती है।

सुशांत मामले में उद्धव सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाली बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत के खिलाफ बीएमसी ने कड़ी कार्रवाई की है। बीएमसी ने बांद्रा वेस्ट के पाली हिल रोड पर स्थित कंगना रनौत के दफ्तर को तोड़ दिया है। बीएमसी ने उसे अवैध निर्माण बताया है।

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या का मामला अभी भी पूरी तरह से सुलझ नहीं पाया है। इस मामले के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग उठती रही है। इसी कड़ी में नया नाम अब लोक जनशक्ति पार्टी के सांसद चिराग पासवान का भी जुड़ गया है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन के संबंध में दिए गए सुझाव पर विश्व हिंदू परिषद ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है।