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UN ने मंगलवार को कहा कि घाटी के लोग अधिकारों से वंचित हैं और हमने भारतीय अधिकारियों से मांग की है कि कश्मीर में नागरिकों के सभी अधिकार बहाल हों। इसके साथ ही UN ने यह भी कहा कि कश्मीर में सुधार के लिए भारत ने कई कदम उठाए हैं।

दुनिया की सबसे बड़ी पंचायत संयुक्त राष्ट्र (यूएन) इस समय आर्थिक तंगी का मार झेल रहा है। नकदी की संकट होने की वजह से यूएन में अब उसके कामकाज पर असर हो रहा है। यूएन में नियमित तौर पर होने वाली कई बैठकों को स्थगित करना पड़ा है।

भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ट्विटर पर अपने बयानों के लिए जाने जाते हैं। हरभजन की हाजिरजवाबी से सभी वाकिफ हैं। मंगलवार को हरभजन ने पाकिस्तानी अदाकारा वीना मलिक को तगड़ा जवाब दिया है।

दुनिया की सबसे बड़ी पंचायत संयुक्त राष्ट्र (यूएन) कंगाली की कगार पर है या कहें कंगाल हो चुका है। संयुक्त राष्ट्र महासिचव एंतोनियो गुतारेस के बयान के बाद यह जानकारी सामने आई है। यूएन महासिचव ने कहा कि वैश्विक निकाय कोष की कमी से जूझ रहा है।

2 अक्टूबर यानी आज का दिन, पूरा देश गांधी और शास्त्री जयन्ती मना रहा है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई दिग्गजों ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी, बड़ी खबर आ रही है कि अब संयुक्त राष्ट्र ने भी महात्मा गांधी को याद कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस की शुभकामनाएं दी हैं।

बता दें कि यूएनएससी ने हाफिज सईद को उसके बैंक खाते का संचालन करने की अनुमति दी है। इससे पहले हाफिज सईद के बैंक खातों पर प्रतिबंध लगाए गए थे। इस संबंध में पाकिस्तान ने एक याचिका दायर की थी, जिसके बाद बैंक खाते तक हाफिज की पहुंच सुनिश्चित हो गई है।

कश्मीर पर दुनिया में मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त राष्ट्र(UN) में कश्मीर पर प्रॉपेगैंडा चलाने की पूरी कोशिश की। पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने भड़काऊ भाषण दिया। इमरान ने कहा कि कश्मीर में जो हो रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि मेरी सरकार को मजबूत जनादेश मिला है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता का जनादेश भारत में शुरू हुआ, जो व्यापक स्तर पर रहा और प्रेरक रहा।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र की शुरुआत हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सत्र को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी से पहले इस सत्र को मॉरिशस के राष्ट्रपति, इंडोनेशिया के उपराष्ट्रपति और लिसोथो के संबोधित करेंगे।

जलवायु परिवर्तन पर सयुक्त राष्ट्रसंघ (यूएन) में अपने भाषण से एक 16 साल की बच्ची दुनियाभर के नेताओं को झकझोर दिया। इस एक्टिविस्ट की चिंताओं और सवालों से नेताओं के रोंगटे खड़े हो गए।