uniform civil code

भारत में सभी धर्मों में एक समान कानून लागू करने की कवायद तेज हो गयी है। इसी कड़ी में बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट यूनिफार्म सिविल कोड पर सुनवाई करने वाली है।

दिल्ली हाईकोर्ट में शुक्रवार को नागरिक आचार संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) पर सुनवाई होगी। इस मामले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और विधि आयोग को भी नोटिस जारी किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि देश में समान नागरिक आचार संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) लागू करने के लिए अभी तक कारगर प्रयास नहीं किए गए। देश की सर्वोच्च अदालत ने गोवा के एक संपत्ति विवाद मामले की सुनवाई के दौरान ये बात कहीं।

देश में चाइल्ड राइड्स की टॉप बॉडी नेशनल कमिशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (NCPCR) चाहता है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) में एजुकेशन को सम्मिलित किया जाए। इस संबंध में कमिशन ने लॉ कमिशन को पत्र भेजकर सुझाव दिया है। अगर इस सुझाव को मान लिया जाए और एजुकेशन के लिए यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू कर सभी मदरसे और वैदिक पाठशालाओं को भी राइट टू एजुकेशन के दायरे में आ जाएगी।

केंद्रीय मंत्री वैकेया नायडू ने ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर कहा कि यह संविधान और सभ्यता के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि पहले ही ट्रिपल तलाक में बहुत समय बीत चुका है, ऐसे में समय आ गया है जब देश को आगे बढ़कर भेदभाव खत्म करने और लैंगिक न्याय और समानता लाने के लिए एक साथ इसे खत्म कर देना चाहिए। नायडू ने यह बातें इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टेड एकाउंट्स ऑफ इंडिया (आईसीइआई) द्वारा आयोजित एक प्रोग्राम में कहीं।

अधिवक्ता फखरे आलम कहते हैं कि पारिवारिक अदालत में मुस्लिम समुदाय से जुड़े तलाक संबंधी मामले न के बराबर होते हैं। वजह यह है कि मुस्लिमों में आमतौर पर तलाक के मामले अदालत से बाहर ही निपटा दिए जाते हैं। एक-दो मामले ही ऐसे होते हैं जहां दोनों पक्ष अदालत की राह चुनते हैं।

रामपुरः तीन तलाक और यूनिफॉर्म सिविल कोड पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के समर्थन में यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम  खान खुलकर आ गए हैं। शनिवार को आजम ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि बोर्ड गैर इस्लामी बात कर ही नहीं सकता। उन्होंने दोनों मुद्दों को चुनाव से पहले माहौल …

नई दिल्लीः तीन तलाक और यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर आजकल राजनीति गरमाई हुई है। सरकार ने जहां सुप्रीम कोर्ट में कई मुस्लिम देशों का उदाहरण देते हुए तीन तलाक को गलत बताया है। वहीं, लॉ कमीशन ने यूनिफॉर्म सिविल कोड के लिए 16 सवालों पर लोगों की राय जाननी चाही है। तीन तलाक के मसले पर …

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के महासचिव मौलाना मोहम्मद वली रहमानी ने ट्रिपल तलाक और यूनिफॉर्म सिविल कोड के मुद्दे पर गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वली रहमानी ने ट्रिपल तलाक के मसले पर मोदी सरकार के हस्तक्षेप को कोसा है । उन्होंने कहा कि ट्रिपल तलाक पर सरकार का विरोध गलत है।मोदी सरकार देश के महत्वपूर्ण मुद्दों से जनता का ध्यान भटका रही है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने ट्रिपल तलाक मामले पर लॉ कमीशन का बहिष्कार करने का ऐलान किया है।

देश में यूनिफार्म सिविल कोड लागू करने के लिए केंद्र सरकार ने लॉ मिनिस्ट्री से रिपोर्ट सौंपने को कहा था। क्या इस पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड अड़चन डाल रहा है, इस सवाल पर कानून मंत्री ने कहा कि इस पर सभी सम्बंधित पक्षों से विचार विमर्श करने के बाद फैसला लिया जाएगा।