unnao rape case

उत्तर प्रदेश के हाई प्रोफाइल उन्नाव रेप कांड में सजा काट रहे दोषी कुलदीप सिंह को अब पीडिता के पिता की हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई है।

उत्तर प्रदेश के उन्नाव  की पहचान साहित्य की धरती के रुप में होती है लेकिन इन दिनों रेप के कारण चर्चा में है।जब इस विषय को लेकर हर तरफ उन्नाव की चर्चा है तो हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की निगाहें कैसे नहीं इस जिले पर पड़ेगी।

उन्नाव रेप मामले की पीड़िता के पिता का इलाज करने वाले डॉक्टर प्रशांत उपाध्याय की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। डॉक्टर प्रशांत उपाध्याय ने ही उन्नाव रेप केस की पीड़िता के पिता का इलाज किया था।

बता दें कि संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ पिछले हफ्ते मेरठ समेत यूपी के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए थे। इस दौरान भीड़ ने इस्लामाबाद पुलिस चौकी को फूंक दिया था। कई गाड़ियों में आग लगा दी गई थी। मेरठ में 5 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई थी जबकि 3 पुलिसवालों को भी गोली लगी थी।

प्रियंका गांधी के बाद अब समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी मंगलवार को पीड़िता के घर हसनगंज के सेखपुर पीडिता के परिजनों से मुलाकात करने पहुंचे, और पीडिता के परिवार को 5 लाख की मदद दी और परिवार को न्याय दिलवाने का आश्वासन दिया।

दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के उन्नाव रेप केस में सजा पर फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने दोषी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही विधायक पर 25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

बीजेपी से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को अपहरण और रेप के मामले में दिल्ली की अदालत ने सोमवार को दोषी ठहराया है। बता दे कि अदालत ने 10 दिसंबर को सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला 16 दिसंबर के लिए सुरक्षित रख लिया था।

उन्नाव गैंगरेप मामले में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने सोमवार को फैसला सुना दिया है। इस मामले में कोर्ट ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी करार दिया है।

मुलाकात के बाद पत्रकार से बात करने के दौरान अखिलेश यादव ने यूपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कभी इतनी नफरत फैलाई गई होगी समाज में जितनी इन्होंने फैला दी। नफरत और डर से ही ये राजनीति करना चाहते हैं। और डर तभी जाएगा जब भारतीय जनता पार्टी चाहेगी।

पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगईं ने मीडिया को बताया कि दुष्कर्म और साक्ष्य मिटाने, धमकी देने के आरोप में चार्जशीट दाखिल की गई है। इस केस से हत्या के मामले से संबंध नहीं है, दोनों आरोपी चचेरे भाई है। एसपी ममगईं ने बताया कि चार्ज को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को आधार बनाया गया है, जिसमें मोबाइल फोन का स्थान और मौजूदगी शामिल है।