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बताया जाता है कि इसी आलू से मल्टीनेशनल कम्पनियां चिप्स तथा आलू से बने कई अन्य उत्पादों का निर्माणकरते हैं। अर्न्तराष्ट्रीय आलू केन्द्र की स्थापना होने से आसपास के किसानों को काफी सुविधा होगी और उन्हे अपनी फसल का उचित लाभ मिल सकेगा।

इसके अलावा जनपद आजमगढ़ की नगर पंचायत अजमतगढ़ का सीमा विस्तार, जनपद बाराबंकी की नगर पंचायत बंकी का सीमा विस्तार, जनपद ललितपुर की नगर पंचायत महरौनी का सीमा विस्तार, जनपद बस्ती की नगर पंचायत बभनान बाजार का सीमा विस्तार किये जाने का भी निर्णय लिया गया है।

सर्वोच्च न्यायालय ने रेप और हत्या मामले में यूपी सरकार को बड़ा निर्देश दिया है। सोमवार को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को निर्देश दिया कि वह समय पूर्व जेल से रिहा किये गए दुष्कर्म और हत्या के दोषियों की जानकारी उपलब्ध कराए।

यूपीडा के अध्यक्ष अवनीश अवस्थी ने बताया कि बलिया लिंक वे पर प्रति किलोमीटर 40 करोड़ रुपये का खर्च आयेगा। इस पूरे मार्ग की अनुमानित लागत 1500 से 1600 करोड़ रुपये के बीच होगी। उन्होंने बताया कि इस लिंक वे के बन जाने से यमुना एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और आगरा एक्सप्रेस का सम्पर्क बिहार की सीमा से जुड़ जाएगा।

एक तरफ योगी सरकार धर्मनगरी चित्रकूट को पर्यटन का बड़ा हब बनाने का एक्शन प्लान बना रही है वहीं दूसरी ओर परिक्रमा स्थल पर अतिक्रमण हटाने को लेकर कोई ठोस नीति अब तक नही बनाई गई है।

फास्ट ट्रैक कोर्ट की डिलीवरी रेट काफी तेज़ है। इससे सेशन कोर्ट्स में आने वाले मामलों का बर्डन कम हुआ है। कई मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने हफ्ते के अंदर भी दोषियों को सजा सुनाई है।

यूपी में इन दिनों उन्नाव में हुई बलात्कार की घटना को लेकर योगी आदित्यनाथ की सरकार विपक्ष के निशाने पर है। विपक्षी दलों सपा, बसपा और कांग्रेस का कहना है कि कानून व्यवस्था के मामले में यह सरकार पूरी तरह से असफल हो चुकी है। इसलिए इसे बर्खास्त कर देना चाहिए।

सवाल यह है कि महज 20 दिनों में यूपी में मृदा स्वास्थ्य की तस्वीर इतनी खुशनुमा कैसे हो गई। प्रदेश की योगी सरकार द्वारा वर्ष 2019-20 में मृदा स्वास्थ्य प्रबन्धन योजना के लिए दिए गए 677.70 करोड़ रुपये में से महज 167.37 करोड़ रुपये ही खर्च किए है।

पूरा प्रकरण कुछ इस तरह है। आरोप है कि भाजपा विधायक के सिफारिशी पत्र के सहारे गोरखनाथ क्षेत्र की दो फर्मों ने सडक़ निर्माण का 4.89 करोड़ रुपये का ठेका हासिल कर लिया। इस पैड पर हस्ताक्षर कैम्पियरगंज से भाजपा विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री फतेह बहादुर सिंह के थे जिसे विधायक फर्जी बता रहे हैं।