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बरेली के बीजेपी विधायक राजेश मिश्रा की बेटी साक्षी और उनके पति अजितेश एक बार फिर खबरों में हैं। अजितेश और साक्षी को शादी के दो महीने बाद भी उनको बार-बार धमकियां मिल रही हैं।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की मंगलवार को कैबिनेट की बैठक हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में योगी सरकार ने 11 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।

बीजेपी से अलग होने के बाद सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के सुप्रीमो ओम प्रकाश राजभर कुछ ज्यादा ही आक्रामक हो गए हैं। राजभर योगी सरकार पर वार करने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं।

कभी आतंक का पर्याय बने रहे सिमी के पूर्व अध्यक्ष शाहिद बद्र की गिरफ्तारी को भले ही मीडिया मे सामान्य ढंग से लिया गया हो पर स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) की पहचान कभी बेहद खतरनाक आतंकी संगठन के रूप में की जाती थी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर प्रदेश के 49 शिक्षकों को सम्मानित किया और बेसिक शिक्षा विभाग के लिए प्रेरणा ऐप और प्रेरणा वेब पोर्टल को बटन दबा कर लांच किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगली बार सभी 75 जिलों से एक-एक शिक्षक को सम्मानित किया जायेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 24 घंटे के दौरान दो बड़ी वारदात हुई। बड़ागांव इलाके में लड़की के साथ गैंगरेप की घटना के बाद कैंट थानाक्षेत्र के लालपुर में मंगलवार को बदमाशों ने दिनदहाड़े एक दिव्‍यांग युवक की गोली मारकर हत्‍या कर दी।

लोकसभा चुनाव के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव की पहली परीक्षा हमीरपुर विधानसभा सीट का उपचुनाव होगा। वैसे तो प्रदेश 13 सीटों पर उपचुनाव होना है पर चुनाव आयोग ने फिलहाल हमीरपुर विधानसभा सीट पर ही उपचुनाव की घोषणा की है।

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने शुक्रवार दोपहर में समाजवादी पार्टी कार्यालय में सपा मुखिया अखिलेश यादव से मुलाकात की। अखिलेश और राजभर की इस मुलाकात ने प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मी को तेज कर दिया है।

जनपद बांदा अतर्रा कस्बे में गुरुवार को प्रेमिका से मिलने पहुंचे आशिक को तमंचे से प्रेमिका के पति सहित परिजनों ने गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल की हालत नाजूक होने के कारण जिला अस्पताल से डाक्टरों ने कानपुर रेफर कर दिया। घटना से मोहल्ले में दहशत का माहौल है।

किसी भी मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आम तौर पर यह सवाल पूछा जाता है कि आखिर चली किसकी? बीते तकरीबन एक साल से अटकलों में आयी विस्तार की सुर्खियों ने इस सवाल को और अहम बना दिया है। वह भी तब जबकि भारतीय जनता पार्टी में उत्तर प्रदेश की राजनीति में योगी आदित्यनाथ और सुनील बंसल दो ध्रुव हों।