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चीनी सेना की तरफ से एक आर्टिकल में कहा गया है कि इस परीक्षण के बाद से अमेरिका की परमाणु हमला करने की ताकत में और इजाफा हुआ है। अमेरिकी सेना इन दिनों छोटे-छोटे परमाणु बमों को बनाने में लगी है। यह परमाणु बम सटीक निशाना लगाने में माहिर हैं।

पेंटागन ने अपनी रिपर्ट में कहा है कि चीनी सेना जिस तेजी के साथ विकास किया है उससे वह वाकिफ है। चीन ने बड़े ढांचागत सुधार किए हैं। इसके तहत देश में बनी आधुनिक युद्ध प्रणालियों को तैनात कर रखा है।

भारत समेत कई देशों के लिए एक और डराने वाली खबर सामने आई है। कोरोना वायरस के कारण भारत, अमेरिका और यूरोप में कई कोरोना वायरस के मरीजों में फेफड़ो में बड़ी दिक्कत होने की समस्या सामने आ रही है। अगर ये समस्या गंभीर हुई तो मरीज की मौत भी हो सकती है।

दुनियाभर में कोरोना के कहर के बीच अमेरिका से एक खुशखबरी सामने आई है। मिली जानकारी के मुताबिक, अमेरिका में जल्द ही कोरोना वायरस का टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया जा सकता है।

अमेरिकी सेना द्वारा यह परीक्षण 16 नवंबर को किया गया था। वाइस एडमिरल जॉन हिल ने इस परीक्षण के बारे में दुनिया को जानकारी दी। SM-3 Block IIA मिसाइल का अमेरिका की कंपनी रेथियान और जापान की मित्‍सुबीसी ने मिलकर निर्माण किया है।

रूस ने दुनिया से वादा किया है कि वह इस महाविनाशक तारपीडो का इस्‍तेमाल पहले नहीं करेगा। रूस के पोसाइडन ड्रोन से अमेरिका चिंतित है। अमेरिका के सहायक विदेश मंत्री क्रिस्‍टोफर फोर्ड का कहना है कि यह हथियार अमेरिका के शहरों को तबाह कर सकता है।

चीन ने इन किलर मिसाइलों का बीते अगस्‍त में परीक्षण किया था, लेकिन अब पहली बार उसको दुनिया के सामने लाया है। चीन के एक सैन्‍य व‍िशेषज्ञ का कहना है कि इन दोनों मिसाइलों ने दक्षिण चीन सागर में स्थित परासेल द्वीप समूह के पास युद्धपोत को मिसाइल दागकर बर्बाद कर दिया।

अमेरिका की तरफ से इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के जवानों ने अलकायदा के नंबर दो सरगना 58 साल के अबू मोहम्‍मद अल मस्‍त्री को ढेर कर दिया। इस हमले में ओसामा बिना लादेन की बहू भी मारी गई।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के खिलाफ टिक टॉक की स्वामित्व वाली चीनी कंपनी बाइटडांस ने अदालत में अपील की थी। इस पर सुवनाई करते हुए एक संघीय अदालत ने बैन के आदेश पर रोक लगा दी है।