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कोरोना वायरस ने दुनिया की अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया है। इस महामारी ने मध्य-पूर्व में ईरान को सबसे अधिक प्रभावित किया है। कोरोना वायरस ने ईरान की अर्थव्यवस्था को चौपट कर रख दिया है।

दुनिया के जाने-माने समाजशास्त्री और बुद्धिजीवी नोआम चॉम्स्की ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर निशाना साधा है। इसके साथ उन्होंने हजारों अमेरिकियों की मोत के लिए ट्रंप को जिम्मेदार बताया है।

यह रिपोर्ट अप्रैल में चीन की आंतरिक रिपोर्ट को राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित अन्य प्रमुख नेताओं के सामने रखा गया। रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि 1989 के तिनानमेन स्क्वॉयर की घटना के बाद चीन इस वक्त सबसे बड़े वैश्विक विरोध का सामना कर रहा है।

न्यूयॉर्क में इस वायरस से बुरे हाल हैं। महानगर के सारे अस्पतालों में कोरोना से संक्रमित मरीज भरे हुए हैं। हालत यह हो गई है कि मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य कर्मी भी कम पड़ गए हैं।

चीन के वुहान से फैले कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में तबाही मचा रखी है। इस जानलेवा वायरस को लेकर अमेरिका चीन पर हमलावार है। ट्रंप ने कोरोना को चीनी वायरस का नाम दिया है।

भारत के लिए कोरोना की लड़ाई आसान करने के लिए अमेरिका ने इंडिया को अतिरिक्त 3 मिलियन यूएस डॉलर (US Dollars) की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।

कोरोना वायरस भारत समेत पूरी दुनिया में तबाही मचा रहा है। मोदी सरकार ने इस महामारी से निपटने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। भारत की कोरोना से निपटने को लेकर दुनिया में तारीफ हो रही है।

कोरोना वायरस ने दुनियाभर में तबाही मचा रखी है। इस जानलेवा महामारी से निपटने के लिए अमेरिका ने भारत से हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवाई की मदद मांगी थी। इसके बाद भारत ने अमेरिका की मदद की और हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा भेजी थी।

अमेरिका में कोरोना वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां नये मरीजों के मिलने और कोरोना संक्रमितों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। आम आदमी से लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प तक की रातों की नींद उड़ चुकी है।

पूरी दुनिया को दहलाने वाले कोरोना वायरस ने सबसे ज्यादा कहर अमेरिका में ढाया है। वहां अब तक करीब साढ़े नौ लाख लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं और लगभग 54000 लोगों की मौत हो चुकी है।