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अयोध्या में अस्थायी राम मंदिर के पुजारी और कर्मचारियों के भत्ते को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बढ़ाने का फैसला लिया है। इस मामले में अयोध्या के मंडलायुक्त मनोज मिश्रा ने मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास को आश्वासन दिया है कि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के भत्ते में वृद्धि होगी।

आगरा से करीब 30 किमी की दूरी पर अछनेरा ब्लॉक के छह पोखर गांव में 200 से ज्यादा मुस्लिम परिवार रहते है और यहां तकरीबन हर घर में कब्र बनी है। असल में, गांव में कब्रिस्तान नहीं है। 1964 में कब्रिस्तान की जमीन तालाब के हिस्से में चली गई थी। 80 के दशक में प्रशासन ने रेलवे लाइन के पास कब्रिस्तान के लिए जमीन दी थी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अपने जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अनुभव किया है कि 90 प्रतिशत से अधिक मामले राजस्व और पुलिस विभाग से सम्बन्धित होते हैं। समय से इन प्रकरणों का समाधान न होने पर बड़े विवाद पैदा हो जाते हैं।

नई और पुरानी सदस्यता को मिलाकर लगभग 1 करोड़ 70 लाख की सदस्यता का अनुमान है। प्राथमिक सदस्यता का सत्यापन 16 से 25 अगस्त तक, सक्रिय सदस्यता का सत्यापन 26 से 31 अगस्त तक होगा। 72 जिलों में सदस्यता का सत्यापन कार्य शुरू हो चुका है।

प्रेरणा ऐप के माध्यम से शिक्षक शिक्षिकाओं की सेल्फी के द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति का विरोध करते हुए मोहनलालगंज के सांसद कौशल किशोर ने बेसिक शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया।

इस बैठक में संगठनात्मक चुनावों को कराए जाने को लेकर तारीखे तय की गई। वहीं उपचुनावों को लेकर तय हुआ कि हर विधानसभा क्षेत्र में एक मंत्री को चुनाव जिताने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

शिक्षा सेवा अधिकरण गठन को लेकर वकीलों की हड़ताल पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है और ऐसी स्थिति उत्पन्न करने के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार मानते हुए तल्ख टिप्पणी की है।

प्रदेश सरकार एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) कार्यक्रम के  तहत चिन्हित विशिष्ट उत्पादों की कमियों को दूर करने लिए सभी जिलों में कम से कम एक-एक सामान्य सुविधा केन्द्र (सीएफसी) स्थापित कराने जा रहा है।

मोटिवेजर्स क्लब ने रविवार को लखनऊ के सिटी माल में 'जश्न-ए-आजादी’ थीम पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। जहां एक ही मंच पर युवा और बुजुर्गों ने एक साथ भारत देश की आजादी का जश्न मनाया।

जिस जन गण मन और वन्देमातरम गान के लिए लाखों क्रन्तिकारी देश के नाम पर अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, उसी भारत देश में कुछ ऐसे शिक्षण संस्थान भी है जो शायद अपने विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को न 'जन गण मन' सिखाते हैं और न ही 'वन्देमातरम'।