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भारत ने सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा बनाई गयी कोविशील्ड वैक्सीन की खुराकें पूरे दक्षिण एशिया में बांटी हैं। 20 जनवरी को नेपाल, बांग्लादेश, मालदीव और भूटान को मुफ्त कोरोना वैक्सीन की पहली खेप भेजी गयी।

पहले चरण के बाद अगले दूसरे चरण में शीघ्र ही 30 करोड़ लोगों को कोरोना का वैक्सीन लगाए जाने का अभियान चलाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से जोड़ देते हुए कहा कि देश अपना स्वयं का वैक्सीन बना रहा है वह भी एक नहीं दो-दो मेड इन इंडिया।

प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक सेंटर पर 100-100 लोगों को वैक्सीन लगाना है। शनिवार के दिन कोडरमा के दो वैक्सीन सेंटरों पर बेहद कम लोग कोरोना का टीका लगवाने के लिए पहुंचे थे।

दिल्ली में कुल 52 लोगों में कोरोना वैक्सीनेशन के बाद प्रतिकुल प्रभाव देखने को मिला। इनमें से एक शख्स में साइड इफेक्ट की गंभीरता को देखते हुए उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।

Y- Factor | Corona Vaccine: वैक्सीनेशन से ख़त्म होगा Cancer, इस बात में कितनी सच्चाई!!! | Ep-123

प्रधानमंत्री द्वारा कोरोना वैक्सीन टीकाकरण का उदघाटन करते ही जनपद जौनपुर में चार केन्द्रों पर कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण का कार्य चिकित्सकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की देख रेख में शुरू किया गया।

Newstrack की 16 जनवरी की बड़ी खबरों की लिस्ट लाया है जिन पर दिनभर सबकी नजरे रहीं। आईए एक बार नजर डालते हैं आज की उन खबरों पर।

गोरखपुर के 6 केन्द्रों पर पहले दिन 600 स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगना था, लेकिन शाम को 4 बजे तक 285 लोगों ने ही कोविड-19 का टीका लगवाया। बीते एक साल से मौत की बीमारी बने कोरोना वायरस के खात्में का महाअभियान शनिवार से शुरू हो गया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैक्सीनेशन को लेकर बड़ा एलान किया है। उन्होंने वैक्सीन को लेकर बताया कि वह कब टीका लगवाने वाले हैं।

कोरोना का टीका देश के लोगों को कैसे सुलभ करवाया जाएगा, इसके लिए केंद्र का स्वास्थ्य मंत्रालय पूरा इंतजाम कर रहा है लेकिन टीके के बारे में तरह-तरह के विचार भी सामने आ रहे हैं। कई वैज्ञानिकों का कहना है कि भारत में बने इस टीके का वैसा ही कठिन परीक्षण नहीं हुआ है, जैसा कि कुछ पश्चिमी देशों के टीकों का हुआ है।