vaccine

कोरोना वैक्सीन पर एक और सफलता मिल गई है। कोवैक्सीन के बाद कोरोना वायरस के लिए निर्मित जायडस वैक्सीन को मानव पर परीक्षण के लिए डीसीजीआई ने अनुमति दे दी है।

कोरोना महामारी का मामला दुनिया में तेजी से फैल रहा है। भारत में कोरोना के 5 लाख से ज्यादा मरीज हो गए हैं, तो वहीं 16 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। अब इस बीच भारत को बड़ी सफलता मिली है।

सवाल उठता है कि जिस कोरोना फैमिली के वायरस के बारे में वैज्ञानिको को पहले से जानकारी थी, उस पुराने वायरस की वैक्सीन क्यों नहीं बन सकी?

कोरोना महामारी पूरी दुनिया में तबाही मचा रही है। अभी तक इस जानलेवा वायरस की कोई वैक्सीन नहीं बन पाई है। दुनिया भर में कोरोना की 125 से ज्‍यादा वैक्‍सीन पर काम चल रहा है।

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस ने  पूरी दुनिया को हर तरह से तबाह कर रखा है। अब इसके लिए वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है, लेकिन अभी तक पूरी तरह से यह सफल नहीं हो पा रहा है। बता दें कि इस वायरस का सबसे अधिक असर बच्चे और बुजुर्गों पर हो रहा है।

कोरोना वायरस ने पुरानी दुनिया में तबाही मचा रखी है। लेकिन अभीतक इस जानलेवा वायरस की कोई दवा नहीं बनी है। अब योगगुरु बाबा रामदेव की पतंजलि कंपनी ने दावा किया है कि उन्होंने इसकी दवा तैयार कर ली है।

जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में जुटी हुई है। इस बीच दुनिया के दो बड़े मुल्कों ने कोरोना से लोगों को निजात दिलाने के लिए हाथ मिलाया है। ये देश कोई और नहीं बल्कि ब्रिटेन और भारत है।

कोरोना महामारी से पूरी दुनिया जंग लड़ी रही है। अब इस बीच एक खुशखबरी सामने आई है। ब्रिटेन की दवा बनाने वाली कंपनी एस्ट्राज़ेनेका ने कोरोना वायरस की रोकथाम के वैक्सीन बना ली है।

कोरोना वायरस ने समय पूरी दुनिया में तबाही मचा रखी है और इस वायरस की शुरुआत चीन के वुहान शहर से मानी जा रही है। दुनिया भर के वैज्ञानिक इस वायरस की वैक्सीन खोजने में जुटे हुए हैं मगर अभी तक किसी को कामयाबी नहीं मिल सकी है।

कोरोना वायरस महामारी ने दुनिया में तबाही मचा रखा है। इस महामारी का सबसे ज्यादा प्रभाव अमेरिका पर पड़ा है। यहां अबतक करीब 14 लाख लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं।