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आज विकास के मामले में हम भले कई लदेशों से भी पीछे रह गए है, कुछ बुलंदियों को छुए है और कुछ सफलताओं को छुते छूते रह गएं हो।लेकिन आज भी हम अपनी हम अपने इतिहास की बात करें तो हम भारतीयों को उस गर्व है। आज चंद्रयान-2 भले पहुंचते –पहुंचते रह गया है है,लेकिन हम उससे भी

गणेश चतुर्थी के दौरान भगवान गणेश की  मूर्ति स्थापित की जाती है और उनकी पूजा की जाती है। सर्वप्रथम पूज्य  भगवान गणेश सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। गणेश चतुर्थी की समाप्ति पर उनकी प्रतिमा को पानी में विसर्जित किया जाता है। गणेश विसर्जन की शुरूआत गणेश चतुर्थी के अगले दिन से हो जाती है।

सृष्टि के दर्शन को लोक तक पहुंचाने का दायित्व ऋषि समुदाय का ही था। उन्होंने इस कार्य को बहुत ही लगन व निष्ठा से किया और इतनी मज़बूत नींव तैयार की जिससे आज भी सृष्टि में सनातन संस्कृति विद्यमान है। 3 सितंबर को पड़ने वाला ऋषिपंचमी व्रत उन्ही दार्शनिक तत्वज्ञानी  महामनीषियों की पूजा का दिन है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महादेव शिवशंकर स्वयं प्रगट हुए है। उनकी लिंग रुप में भी पूजा होती है और भगवान शिवलिंग रुप में 12 स्थानों पर विराजमान है। जानते है सावन में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग के बारे में...

जयपुर: धर्मग्रंथों में भगवान गणेश की उपासना कल्याणकारी मानी गई है। भगवान गणेश की अराधना का दिन यूं तो बुधवार को होता है। लेकिन उनकी रोजाना की पूजा भी  विशेष फलदायी होती है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा गया है जो हर विघ्न का नाश करते है।  उनसे जुड़े मंत्र काफी प्रभावशाली होते हैं जो …

यही कारण है कि हर साल जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा में भगवान श्री कृष्ण, भाई बलराम और बहन सुभद्रा की प्रतिमाएं रखी जाती है और इसी घटना की याद में हर साल तीनों देवों को रथ पर बैठाकर नगर के दर्शन कराए जाते हैं।

हस्तरेखा के अनुसार अगर हाथ के अंगूठे के नीचे जीवन रेखा होती है। इससे घिरा क्षेत्र शुक्र पर्वत होता है। हाथ में अगर इस स्थान से कोई रेखा निकलकर शनि पर्वत पर जा कर मिलती है तो ऐसे व्यक्ति का विवाह के बाद भाग्योदय होता है।

जयपुर: घर का वास्तु कहीं न कहीं पति-पत्नी के रिश्तों पर भी प्रभाव डालता है। अगर घर में सब कुछ उचित है और सभी चीजें वास्तु के अनुसार है तो पति-पत्नी का रिश्ता मधुर रहता है। लेकिन यदि पति-पत्नी का रिश्ता ठीक नहीं है और आए दिन लड़ाइयां होती रहती है, बात-बात पर विवाद होने लगा है …

यदि पर्वत अधिक उभार वाला हो और रेखा कटी या टूटी हो तो व्यक्ति अभिमानी, स्वार्थी, क्रूर, कंजूस और अविवेकी होता है। यदि हथेली में सूर्य पर्वत शनि की ओर झुका हो तो व्यक्ति जज एवं सफल अधिवक्ता होता है

जयपुर:महिलाओं की राह में रुकावटें बहुत हैं, बावजूद इसके वे अपने-अपने क्षेत्र में पहचान बना रही हैं। अपना, अपने परिवार और देश का नाम रोशन कर रही हैं। बॉलीवुड एक्ट्रेसेस भी इस बात की मिसाल हैं। ये एक्ट्रेसेस अपने अनुभवों को शेयर  किया कि  महिलाएं कैसे  अपनी पहचान बनाएं। दीपिका पादुकोण ने कहा – महिला दिवस …