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पूरे देश में नागरिकता कानून को लेकर तनाव का माहौल है। लोग कुछ सुनने-समझने को तैयार नहीं हैं।इसके लिए देश भर में प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी के खिलाफ असोम उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और कई इलाकों में हिंसात्मक प्रदर्शन हुए है।

उत्तर प्रदेश के कानपुर में सीएए विरोधी प्रदर्शनों में पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का नाम सामने आया है।खबर के अनुसार, पीएफआई के अलावा अपने उग्र विचारों के लिए पहचाने जाने वाले एक राजनीतिक दल ने कानपुर का माहौल बिगाड़ने में भूमिका निभाई है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा रविवार को अचानक उत्तर प्रदेश के बिजनौर पहुंचीं और संशोधित नागरिकता कानून को लेकर हाल में हुई हिंसा में मारे गए दो व्यक्तियों के परिवारों से मुलाकात की।

नागरिकता संसोधन कानून(CAA) के मुद्दे पर यूपी में सरकारी सम्पत्तियों को नुकसान पहुंचाने  वाले दंगाइयों के खिलाफ योगी सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

CAA के विरोध में यूपी समेत देश के अलग-अलग राज्यों में उग्र प्रदर्शन व हिंसा के बाद बंद इंटरनेट सेवा शनिवार दोपहर बहाल कर दी गई। ये सेवाएं केवल चुनिन्दा कम्पनियों के मोबाइल के लिए ही बहाल हुई थी।

योगी आदित्यनाथ ने कड़े शब्दों में कहा कि सार्वजनिक और सरकारी संपत्ति का नुकसान करने वाले दंगाइयों की संपत्ति जब्त की जाएगी। हम उनसे संपत्ति के नुकसान का बदला लेंगे और उनसे नुकसान हुई संपत्ति की कीमत वसूल करेंगे।

उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शनों के बाद प्रदेश की योगी आदित्‍यनाथ सरकार ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। यूपी पुलिस ने ऐसे लोगों को चिन्हित कर उन पर जुर्माना लगाकर, उन्हें वसूली नोटिस भेजना शुरू कर दिया है।

CAA के खिलाफ यूपी के अलग-अलग जिलों में हुए प्रदर्शन में शामिल उपद्रवियों पर नकेल कसने के लिए योगी सरकार ने कमर कस ली है। लखनऊ, गोरखपुर संभल और सीतापुर समेत सभी जिलों में यूपी पुलिस छापेमारी कर रही है।

नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर देशभर में हिंसक प्रदर्शन हो रहा है। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जमकर हिंसा हुई। इस हिंसा के दौरान यूपी में अब तक 11 लोगों की मौत हो गई है।

लखनऊ पुलिस को हिंसा के बाद पांच मोबाइल फोन मिले हैं। जिनमें बांग्ला भाषा में संदेशों का आदान-प्रदान किया गया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि ये उपद्रवी बांग्लादेशी हैं। जो हिंसा फैलाने के मकसद से ही यहां इकट्ठा हुए थे। मामले की जांच की जा रही है।