vitamin D

कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा रखा है। इस वायरस की वजह से होने वाली मौतों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।

चिकित्सा विशेषज्ञों की तमाम कोशिशों के बावजूद पूरी दुनिया में कोरोना से होने वाली मौतों का सिलसिला नहीं थम रहा। पूरी दुनिया में कोरोना से संक्रमित होने वाले मरीजों की संख्या करीब 11 लाख पहुंच चुकी है।

सर्दियों में हर दूसरे व्यक्ति को जोड़ों में दर्द की समस्या शुरु हो जाती है। खासकर 40 साल से ऊपर उम्र के लोगों में ये समस्या अधिक पाई जाती है। वहीं महिलाओं में ये समस्या सबेस ज्यादा देखने को मिलती है।

विटामिन डी एक आवश्यक विटामिन है जो शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने के लिए जरुरी है। शोध से ये बात सामने आई है कि, सूरज की रोशनी से मिलने वाला विटामिन डी कई तरह की बिमारियों को रोकने और उनके उपचार में अहम भूमिका निभाता है।

नेशनल फेमली हेल्थ सर्वे के अनुसार छह माह से पांच वर्ष के बीच की आयु के 58.4 प्रतिशत बच्चे एनीेमिया से ग्रसित हैं। जबकि 53.3 प्रतिशत महिलायें और 27.7 प्रतिशत पुरूष भी एनीमिया से ग्रसित हैं।

Vitamin D की कमी से शरीर में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, कुछ प्रकार के कैंसर और सोरायसिस जैसी कुछ गंभीर बीमारियों को बढ़ावा देता है।

दावा तो ये भी किया जाता है, कि विटामिन डी हमारी बढ़ती उम्र के आने वाले बदलावों से भी हमारी रक्षा करता है।और, ये कैंसर से भी बचाता है। लिवर कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, प्रॉस्टेट कैंसर पर हुई रिसर्च बताती हैं,कि विटामिन डी कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है।

विभिन्न अध्ययनों से साबित हो चुका है कि विटामिन डी से हृदय रोग, स्कलेरोसिस और यहां तक कि गठिया जैसे रोगों के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।

नई दिल्ली: एक अध्ययन के अनुसार, अस्थमा की स्टैंडर्ड दवाइयां लेने के अलावा विटामिन डी की अतिरिक्त खुराक लेने से इस रोग के जोखिम को आधा किया जा सकता है। विटामिन डी का सप्लीमेंट लेने वाले लोगों में अस्थमा के एक दौरे के बाद इसका खतरा 50 फीसदी तक कम पाया गया। विटामिन डी शरीर …