vladimir putin

वैलरी ने इससे पहले दावा किया था कि पुतिन को पार्किंसन्स डिजीज है। उन्होंने अब सूत्रों के हवाले से कहा है कि पुतिन का स्वास्थ्य खराब है। उन्होंने शुक्रवार को एक मीडियो से कहा कि पुतिन दो बीमारियों से जूझ रहे हैं। उन्हें साइको-न्यूरोलॉजिकल परेशानी है और कैंसर भी है।

रूस और चीन ने अमेरिका के इस जनादेश को अभी तक स्वीकार नहीं किया है। चीन ने बाइडेन को बधाई देने से इनकार कर दिया है। चीन ने कहा कि अभी वह अंतिम फैसले का इंतजार कर रहा है।

रूस के राष्ट्रपति पुतिन अभी 68 वर्ष के हैं। उन्होंने पहली बार 7 मई 2000 को राष्ट्रपति का पदभार संभाला था। पुतिन रूस के प्रधानमंत्री भी रहे हैं। राष्ट्रपति पुतिन पैरों के लगातार हिलने (कांपने) की समस्या से जूझते हुए देखे गए। यह इस बीमारी का लक्ष्ण है।

इरीना ने फेसबुक पोस्ट में अपना दर्द बयान करते हुए लिखा था कि सभी फ्लैश ड्राइव, मेरा लैपटॉप, मेरी बेटी का लैपटॉप, मेरा डेस्कटॉप, मेरे पति का फोन और मेरी कई डायरी जबरदस्ती ले गए हैं। मुझे कपड़े भी नहीं पहनने दिए गए और मेरे पति की मौजूदगी में एक पुलिसवाला मुझे इसी हालत में घूरता रहा।

पुतिन ने शुक्रवार को आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोलियन पशिनियन से फोन पर बातचीत की है और हालात की जानकारी ली। आर्मेनिया की तरफ से बयान जारी कर बताया गया है।

रूस के विपक्षी नेता अलेक्सी नावाल्नी को जहर दिए जाने के मामले से जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच टकराव हो गया है।

रूस में राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के कट्टर आलोचक माने जाने वाले विपक्षी नेता अलेक्सी नवाल्नी की गुरुवार को हालत काफी नाजुक हो गई।

पूरी दुनिया इस समय कोरोना के कहर से बेहाल है। ऐसे में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन बना लेने का दावा किया है।

डब्ल्यूएचओ भी बीते दिनों चेतावनी दे चुका है कि रूस को टेस्टिंग के परंपरागत तरीकों को छोड़कर वैक्सीन तैयार नहीं करना चाहिए। ऐसा करना ठीक नहीं है। आगे चलकर इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

इस वैक्सीन को मॉस्को के गामेल्या इंस्टीट्यूट ने डेवलेप किया है। मंगलवार को रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने वैक्सीन को सफल करार दिया। इसी के साथ व्लादिमीर पुतिन ने ऐलान किया कि रूस में जल्द ही इस वैक्सीन का प्रोडक्शन शुरू किया जाएगा और बड़ी संख्या में वैक्सीन की डोज़ बनाया जाएगा।