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लोकसभा चुनाव के बाद आज साफ हो जाएगा कि देश में किस पार्टी की सरकार बनेगी। लेकिन इस चुनाव में सबसे खास बात यह है कि पहली बार ईवीएम और वीवीपैट से वोटो की गिनती हो रही है। इसके लिए काफी तैयारियां की गई हैं।

देश में लोकसभा चुनाव खत्म हो चुका है और कल यानी गुरुवार को साफ हो जाएगा कि कौन सी पार्टी की सरकार बनेगी। लेकिन इससे पहले आए एग्जिट पोल को लेकर विपक्षी पार्टियों में हलचल मच गई है। विपक्षी नेता लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं।

चुनाव आयोग की ईवीएम के मुद्दे पर बैठक हुई। विपक्षी पार्टियों को बड़ा झटका देते हुए चुनाव आयोग ने वीवीपैट मिलान की मांग को ठुकरा दिया है जिसमें 50 फीसदी पर्चियों के मिलान की बात कही जा रही थी।

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए रविवार को मतदान संपन्न हो चुका है। 23 मई को चुनाव परिणाम आएंगे जिसके बाद साफ हो जाएगा कि देश में किस पार्टी की सरकार बन रही है। आज हम आपको बताते हैं ईवीएम से हो रहे इन चुनावों में मतगणना कैसे होगी।

देश भर में ईवीएमको लेकर बवाल मचा है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। देश की सर्वोच्च अदालत ने ईवीएम और वीवीपीएट के 100% पर्चियों के मिलान के मामले में दायर की गई याचिका खरिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा यह क्या बकवास है।

लोकसभा चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की सुरक्षा को लेकर विपक्षी दल सवाल उठाते रहे हैं। बिहार में लोकसभा चुनाव के बीच एक होटल से ईवीएम बरामद हुई जिसके बाद हड़कंप मच गया।

लोकसभा चुनाव के बीच आज सुप्रीम कोर्ट में ईवीएम और वीवीपैट की पर्चियों के मिलान को लेकर सुनवाई हुई। विपक्ष के द्वारा दाखिल की गई पुनर्विचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनाव की मतगणना के लिए वीवीपैट परीक्षण की संख्या को पहले के मुकाबले बढ़ा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि हर विधानसभा क्षेत्र में एक की बजाए पांच बूथों पर ईवीएम और वीवीपैट का औचक मिलान होगा।

भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं में ईवीएम तथा वीवीपैट के बारे में जागरूकता लाने के लिये पोस्टर के माध्यम से इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिये हैं। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल वेंकटेश्वर लू ने यह जानकारी दी।

निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय से कहा कि वीवीपैट की पर्चियों की गणना का वर्तमान तरीका सबसे अधिक उपयुक्त है। आयोग ने प्रति विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केन्द्र से औचक तरीके से वीवीपैट की पर्चियों की गणना की प्रणाली को न्यायोचित ठहराया।