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वॉट्सऐप के पॉलिसी अपडेट से मचे बवाल के बाद सिग्नल और टेलिग्राम को बड़ा फायदा हुआ है। ऐप एनालिटिक्स फर्म सेंसर टावर के डेटा के मुताबिक 6 से 10 जनवरी के बीच दुनिया भर में ऐप स्टोर और गूगल प्लेस्टोर में सिग्नल के 75 लाख के करीब डाउनलोड्स रहे हैं।

बैंकिंग सेवाओं को व्हाट्सऐप पर लेकर आ रहा है। इस क्रम में बैंक नेटबैंकिंग, पोर्टल के अलावा गूगल पे और अपने आई मोबाइल ऐप के जरिए भी फास्टैग को खरीदने की सुविधा दे रहा है।

फेसबुक को आपके वाट्सएप नंबर,इसे खोलने बंद करने, फोन की स्क्रीन, और इंटरनेट कनेक्शन से लोकेशन आदि तक का भलीभांति पता रहता है।

वॉट्सऐप ने अपने स्टेटस में कॉलिंग, प्राइवेट मैसेज, लोकेशन और कॉन्टैक्ट चीज़ों पर सफाई दी है। वॉट्सऐप ने 4 स्टेटस लगाया है। पहले स्टेटस में लिखा है

व्हाट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर यूजर्स में अभी काफी कंफ्यूजन हैं जिसके चलते इस नई पॉलिसी को अभी के लिए टाला जा रहा है। इस पॉलिसी को टालने से यूजर्स को इस पॉलिसी के बारे में समझने का मौका मिल जाएगा।

यूजर्स की निजी जानकारियां इंडेक्स नहीं करनी चाहिए। लेकिन, वॉट्सऐप दुनिया की बड़ी टेक कंपनी होकर भी अपने यूजर्स की सेफ्टी के लिए अपनी ही  वेबसाइट की निगरानी नहीं कर रहा है। इससे यूजर्स के पर्सनल डेटा को बड़ा खतरा है।

WhatsApp ने इसके बारे में जानकारी देते हुए ट्वीट करके लिखा है, “सभी के लिए धन्यवाद, जो बाहर पहुंच गए हैं। हम अभी भी व्हाट्सएप उपयोगकर्ताओं के साथ सीधे संवाद करके किसी भी भ्रम का मुकाबला करने के लिए काम कर रहे हैं।"

व्हाट्सएप की नई पॉलिसी को दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) में चुनौती दी गई है। साथ ही नई प्राइवेट पॉलिसी पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने की मांग की गई है।

व्हाट्सएप ने हाल ही में अपने यूजर्स को नई प्राइवेसी पॉलिसी के बारे में अपडेट देना शुरू किया था। इसमें बताया गया था कि व्हाट्सएप कैसे यूजर्स के डेटा की प्रोसेसिंग करता है और उन्हें फेसबुक के साथ किस तरह से साझा करता है।

जानकारी के मुताबिक, WhatsApp के नई पॉलिसी जारी करने के बाद केवल भारत में करीब 1 हफ्ते में ही 35 प्रतिशत तक उसका डाउनलोड्स कम हो गया है। जबकि Signal और Telegram ऐप को लगभग 40 लाख यूजर्स ने डाउनलोड किया है।